
रायबरेली | रायबरेली NTPC में हुई दर्दनाक घटना के कारण कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को अपना गुजरात दौरा बीच में ही छोड़ रायबरेली पहुंचे। अपनी मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में राहुल बॉयलर हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि सोनिया की तबीयत ठीक नहीं है और इसलिए वह यहां नहीं आ सकी हैं। वह प्लांट में भी गए और घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री आरके सिंह भी प्लांट में मौजूद थे।
हादसे के शिकार लोगों के परिजनों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा, ‘लोग कह रहे हैं कि एनटीपीसी के इस संयंत्र को समयपूर्व चला दिया गया। हम घटना की जांच की मांग करेंगे।’ उधर, केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिन्हा ने कहा कि हादसे मारे गये लोगों के परिवार वालों को 20 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को 10 लाख और मामूली रूप से घायल कर्मचारियों को दो लाख रुपये देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि विस्फोट के कारणों की जांच के लिए एक कमिटी बना दी गई है। ऐसे हादसे दोबारा न हों, कमिटी इसके भी सुझाव देगी। बता दें कि बुधवार को NTPC के बॉयलर में हुए जबर्दस्त धमाके में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं। यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
स्पताल में राहुल
इस दर्दनाक घटना की खबर के बाद राहुल ने रायबरेली का रुख किया। गुजरात में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। राहुल गांधी चुनाव के सिलसिले में बुधवार को सूरत में थे। गुरुवार सुबह वह सूरत से रायबरेली के लिए निकले थे। लगभग दस बजे वह रायबरेली पहुंचे। बता दें कि रायबरेली कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। राहुल पोस्टमॉर्टम हाउस भी गए। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने मृतकों के परिजनों से मिलकर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। राहुल ने एनटीपीसी प्लांट का भी दौरा किया।
राहुल ने स्थानीय अस्पताल में घायलों से भी मुलाकात की। इस बीच गंभीर रूप से घायल मजदूरों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दिल्ली भेजा गया है। लगभग सौ वर्कर्स का रायबरेली, लखनऊ और इलाहाबाद के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
रायबरेली ऊंचाहार एनटीपीसी में 500 मेगावॉट की यूनिट नंबर 6 के बॉयलर का स्टीम पाइप फटने से बुधवार को हादसा हुआ था। इस दर्दनाक हादसे में 200 से ज्यादा वर्कर्स घायल हुए हैं। बुधवार शाम लगभग 4 बजे हुए इस ब्लास्ट के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया था। सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) ने पूरे परिसर को घेर लिया था। घायलों को इलाज के लिए रायबरेली, इलाहाबाद के साथ लखनऊ भेजा गया। इस बीच पीएम मोदी ने एनटीपीसी हादसे पर दुख जताया है और मारे गए लोगों के परिवार वालों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
डीएम संजय कुमार ने बताया कि उन्होंने एनटीपीसी में हुई घटना की जांच के लिए एक कमिटी गठित की है। इस कमिटी में मैजिस्ट्रेट और तकनीकी विशेषज्ञों को रखा गया है। यह कमिटी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी।
रात करीब 9 बजे प्लांट के आसपास केवल सन्नाटा पसरा था। प्लांट के गेट पर सीआईएसएफ के जवान लगे थे। बेहद मुस्तैद। किसी को भीतर जाने की इजाजत नहीं थी। गांव के कुछ लोग जैसे ही इस तरफ आते, उन्हें खदेड़ा जाने लगता। शिफ्ट बदलने पर निकलने वाले मजदूरों में हादसे को लेकर दहशत साफ महसूस की जा सकती थी। यहां काम करके निकले बिहार के रहने वाले अशोक कुमार पहले तो कुछ बोलने को तैयार नहीं हुए। गेट से कुछ दूर जाने के बाद बोले, यूनिट जिसमें हादसा हुआ, वह अब भी चल रही है। एक बॉयलर के नीचे 100 से 150 आदमी काम करते हैं, जबकि उस यूनिट में 300 से ज्यादा लोग एक बार में होते हैं। मजदूरों को अंदेशा है कि बॉयलर के नीचे काम करने वालों में शायद ही कोई बचा हो।
https://rashtriyadinmaan.com
