एक साल में खुद को साबित करने में सफल रहे हैं राहुल गांधी


ठीक एक साल पहले ग्यारह दिसंबर को ही नाम वापस लेने का वक्त खत्म होने के बाद राहुल गांधी को निर्विरोध कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पिछले एक साल में राहुल गांधी ने संगठन में कई बदलाव किए। पार्टी के अंदर और बाहर इन निर्णयों को लेकर कई सवाल भी उठे, पर इस एक साल में राहुल गांधी खुद को साबित करने में सफल रहे हैं।

इन राज्यों के चुनाव परिणामों से साफ है कि कांग्रेस मतदाताओं का भरोसा जीतने में काफी हद तक सफल रही है। पार्टी अब इस जीत को राज्यों के नेतृत्व के अधिक केंद्र सरकार की विफलता के तौर पर पेश करेगी। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इन चुनाव को लोकसभा का सेमीफाइनल माना जाता है। इससे लोकसभा के संकेत साफ हैं।विधानसभा चुनाव परिणामों से कांग्रेस उत्साहित है। इसके साथ पार्टी को राजस्थान से सबक भी लेना होगा। राजस्थान में पार्टी की स्थिति बहुत बेहतर थी, पर अति आत्मविश्वास में पार्टी ने कई ऐसी गलतियां की है, जिसके चलते उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया। पार्टी को इससे सबक लेते हुए इन प्रदर्शन पर बहुत अधिक खुश न होते हुए सावधानी बरतनी होगी।

इसके साथ कांग्रेस अपनी अाक्रामकता को बरकरार रखते हुए इस प्रदर्शन को केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जीत के तौर पर पेश करना होगा। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव प्रचार के दौरान जिन मुद्दों को उठाते रहे हैं, उन्हें और मजबूती के साथ लोगों के बीच रखना होगा। हालांकि, इन चुनाव परिणाम से साफ है कि किसान और युवाओं ने कांग्रेस का हाथ थामा है। पर इस भरोसे को बनाए रखने के लिए पार्टी की जिन राज्यों में सरकार है, वहां लोगों खासकर किसानों और युवाओं से किए वादों को फौरन पूरा करना होगा।


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