
लखनऊ | प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सबसे महत्वपूर्ण जांच एजेन्सी सी0बी0आई0 के निदेशक को रातों-रात असंवैधानिक एवं अनैतिक तरीके से हटाया क्येांकि उन्हें डर था कि राफेल घोटाले में मोदी-शाह की मिलीभगत सामने न आ जाये इससे संविधान की धज्जियां उड़ीं और पूरा देश शर्मिन्दा हुआ। देशहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा आज पूरे देश में सीबीआई मुख्यालयों पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राजबब्बर के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज राजधानी लखनऊ के नवलकिशोर रोड स्थित सीबीआई मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में भारी पुलिस बल द्वारा जर्बदस्त बैरीकेडिंग की गयी एवं कई चरणों में लाठीचार्ज किया गया जिसमें दर्जनों कार्यकर्ताओं को चोटें आयी और प्रदेश कांग्रेस के सचिव एवं प्रभारी प्रशासन श्री अभिमन्यु सिंह का हाथ टूट गया जिन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं हनुमान त्रिपाठी, श्रोत गुप्ता, पंकज तिवारी, अंशू अवस्थी, पंकज मिश्रा, मेंहदी हसन, कोणार्क दीक्षित, अजीत सिंह, अभिषेक पटेल, शुभम सिंह अनंत, सोमेश चैहान, अविरल, संदीप पाल, शहनवाज आदि को भी चोटें आयीं।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अशोक सिंह ने बताया कि सीबीआई मुख्यालय पर मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री राजबब्बर ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह 18 घंटे काम करते हैं वह 18 घंटे काम नहीं बल्कि देश का काम लगाने का काम करते हैं। श्री राजबब्बर ने कहा कि राफेल डील को लेकर सिविल सोसाइटी द्वारा जांच के लिए जो आवेदन किये गये थे उस पर सीबीआई के डायरेक्टर ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी थी उसी से डरकर आधी रात को उन्हें हटाने का फैसला किया गया जो कि पूरी तरह असंवैधानिक है। मौजूदा केन्द्र सरकार सीबीआई सहित सभी संवैधानिक संस्थाओं का अवमूल्यन करने पर अमादा है, जिसका परिणाम है कि इतिहास में पहली बार जहां सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठ जजों को जनता के समक्ष न्याय मांगने के लिए प्रेसवार्ता करनी पड़ी, वहीं सीबीआई के डायरेक्टर को बिना संवैधानिक नियम के भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार द्वारा पद से हटाने/छुट्टी पर भेजने का कृत्य किया गया, जेा कि गैर कानूनी है।
देश की सबसे महत्वपूर्ण जांच एजेंसी सीबीआई मुख्यालय में मध्य रात्रि को छापेमारी कर कार्यालय सीज कर जांच से सम्बन्धित सभी अधिकारियों का ट्रान्सफर करना पड़ा जिससे कि देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई की विश्वसनीयता और साख पर एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। उससे भी गंभीर बात यह कि असंवैधानिक रूप से ड्यूटी से छुट्टी पर भेजे गये सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के घर के पास संदिग्ध रूप से चार आईबी के अधिकारी पकड़े गये।
इसके उपरान्त सीबीआई मुख्यालय से भारी पुलिस बल द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेसजनों को गिरफ्तार किया गया परन्तु पर्याप्त मात्रा में बसें न होने के कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बस से उतर गये और सिकन्दरबाग चैराहे तक पैदल मार्च किया। तदुपरान्त बसों में भरकर कैण्ट थाने ले जाया गया जहां एसीएम द्वारा निजी मुचलके पर सभी कांग्रेसजनों को रिहा किया गया।
रवक्ता ने बताया कि आज के धरना-प्रदर्शन एवं गिरफ्तारी देने वालों में प्रमुख रूप से श्रीरामकृष्ण द्विवेदी, श्री राजबहादुर, डाॅ0 आर0पी0 त्रिपाठी, पूर्व विधायक श्री सतीश अजमानी, श्री श्यामकिशोर शुक्ल, श्री सिराज मेंहदी, श्री नईम सिद्दीकी, श्री वीरेन्द्र मदान, श्री बोधलाल शुक्ला, श्री गौरव चैधरी, श्री द्विजेन्द्र त्रिपाठी, श्री विनोद मिश्रा, चै0 सत्यवीर सिंह, श्री शिव पाण्डेय, श्री रमेश मिश्रा, श्री सम्पूर्णानन्द, श्री छोटेलाल चैरसिया, डाॅ0 लालती देवी, श्री अनीस अंसारी, श्री यासिर अब्बासी एड, श्री गंगा सिंह एड, श्री अरशद आजमी, श्री रमेश श्रीवास्तव, श्रीमती संतोष श्रीवास्तव, श्री सत्यदेव सिंह, चै0 अखिलेश सिंह, डाॅ0 जियाराम वर्मा, श्री विजय बहादुर, श्री अमित श्रीवास्तव त्यागी, श्री शैलेन्द्र सिंह, श्री पुष्पेन्द्र सिंह, श्री मुकेश केसरवानी, श्री सुशील दुबे, श्री मनोज तिवारी, श्री अयाज खान अच्छू, श्री नीरज तिवारी, श्री आकाश तिवारी, श्री जितेन्द्र पाण्डेय, श्री प्रणव त्रिपाठी, श्री प्रभात गुप्ता सहित हजारेां की संख्या में कांग्रेसजन शामिल रहे।
प्रवक्ता ने बताया कि इसी प्रकार प्रदेश में स्थित सीबीआई के दूसरे मुख्यालय गाजियाबाद में भी सैंकड़ों कांग्रेसजनों द्वारा धरना-प्रदर्शन और घेराव किया गया।
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