
आरबीआई ने इस साल लगातार तीसरी बार प्रमुख ब्याज दर यानी रेपो रेट में कटौती जारी रखी, जिससे 2019 में अब तक रेपो रेट में कुल 0.75 फीसदी यानी 75 आधार अंकों की कटौती हो चुकी है। उम्मीद की जाती है कि केंद्रीय बैंक के इस कदम से आने वाले दिनों में कारोबार में तेजी आएगी और उपभोग मांग बढ़ेगी।
लगातार तीन बार प्रमुख ब्याज दरों में कटौती से आवासीय और वाहन कर्ज पर सस्ता होने की उम्मीद की जा सकती है। गौरतलब है कि ऑटो और रियल स्टेट सेक्टर दोनों अर्थव्यवस्था के विकास में काफी मायने रखते हैं और इनमें तेजी आने से रोजगार बढ़ेगा। हालांकि यह ब्याज दरों में कटौती का हस्तांतरण ग्राहकों तक करने में वाणिज्यिक बैंकों की दिलचस्पी पर निर्भर करेगा।
फिच समूह की कंपनी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने एक बयान में कहा कि प्रमुख ब्याज दर में कटौती का हस्तांतरण हाल के दिनों में एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
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