आरबीआई द्वारा बैंकों को सीमित मात्र में करेंसी दी जा रही है—-अध्यक्ष पवन कुमार


 

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बैंक कर्मी सुबह 7 बजे से लेकर देर रात तक काम कर रहे है ,

और जनता की गालियां बर्दाशत कर रहे है

लखनऊ।। ऑल इण्डिया बैंक आफिसर्स कन्फेडरेशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने सोमवार को पत्रकारों से बैंक कर्मियों की पीड़ा को बयान करते हुए कुछ महत्वपूर्ण बातें शेयर की। कन्फेडरेशन के अध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि बैंक कर्मी सुबह 7 बजे से लेकर देर रात तक काम कर रहे है और जनता की गालियां बर्दाशत कर रहे है। बैंकों में लगी लम्बी कतारों पर बोलतें हुए उपाध्यक्ष अतुल कुमार सिंह ने कहा कि आरबीआई द्वारा बैंकों को सीमित मात्र में करेंसी दी जा रही है। बैंक वाले एडी चोटी का जोर लगा कर अनऑफीशियल काम कर रहे है परंतु पब्लिक इसे ठीक ढ़ंग से समझ नहीं पा रही है ।

सिंह ने कहा कि आरबीआई द्वारा मात्र 15 लाख रुपये एक दिन में प्रतिशाखा दिये जा रहे है जो कि लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए नाकाफी है। बैंक मैनेजर सुबह 7 बजे बिना किसी सुरक्षा के अपनी गाड़ी से आरबीआई जाता है और नोट ले कर आता है। पुराने पॉच सौ हजार के नोटों से चेस्ट भर जाने की बात बतातें हुए महामंत्री दिलीप चैहान ने कहा कि बैंकों में पुराने नोटों को रखने की जगह समाप्त हो चुकी है परंतु आरबीआई द्वारा अभी तक इससें संबंधित गाइडलाइन जारी नहीं की गयी है। एक तो जनता का दबाव और दूसरी तरफ संसाधनों का आभाव हमारे अथक परिश्रम को बेकार कर रहा है। पुलिस हमारा सहयोग तो कर रही है परंतु कहीं कहीं पुलिस द्वारा बैंकों पर दबाव बना कर नोट बदलवाये जा रहे है।

प्राइवेट बैंकों को केन्द्र सरकार का चहेता बतातें हुए चैहान ने कहा कि ये अफवाह प्राइवेट बैंकों ने उडाई कि सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक बैंकिंग होगी जबकि स्वयं वे शाम 4 बजे केवल अपने खातेदारों के लिये ही काम कर रहे है हमारी तरह किसी के भी नोट बदलने का कार्य नहीं कर रहे है। संजय ने कहा कि देर रात तक हम बैंक कर्मियों को काम करते हुए देखा जा सकता है। पवन कुमार ने बताया कि एटीएम में नोट की दो कैसेटे लगी होती है। एक कैसेट में अधिकतम एक हजार नोट आ सकते है। अब जबकि सौ के नोट एटीएम में उपलब्ध कराने है तो प्रति कैसेट सौ के हजार नोट ही डाले जा सकते है इस प्रकार दो कैसेटों में एक दिन में मात्र दो लाख रुपये ही फीड किये जा सकते है। प्रति व्यक्ति चार हजार रुपये की सीमा को देखते हुए केवल पचास लोग ही एटीएम का उपयोग कर पायेंगे बाकी लोगों को एटीएम के दुबारा फीड करने का इंतजार करना होगा।आरबीआई द्वारा 15 नवम्बर से नोट बदलने की सीमा साढ़े चार हजार रुपये करने की बात पर चिन्ता जाहिर करते हुए उपमहामंत्री संजय काले ने कहा कि आरबीआई द्वारा हमें मात्र पन्द्रह लाख रुपये दिये जा रहे है और वो भी दो हजार के नये नोट। पॉच सौ के नये नोट कानपुर व लखनऊ की आरबीआई चेस्ट में आये नहीं है तो 15 को हम लोग जनता को किस प्रकार समझायेंगे कि हम 4500 नहीं दे सकते है। सौ के नोटों नहीं होने की बात करते हुए काले ने कहा कि सौ के नोट है नहीं तो 4500 रुपये किस प्रकार दे सकेंगे।


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