विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था में सुधार लाने हेतु अधिक से अधिक विद्यालयों का निरीक्षण कराया जाय—-मुख्य सचिव


llkoij
लखनऊ:    उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने निर्देश दिये हैं कि विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था में सुधार लाने हेतु अधिक से अधिक विद्यालयों का निरीक्षण कराया जाय तथा निरीक्षण आख्याओं को आन लाइन करने की व्यवस्था अपै्रल, 2016 से अवश्य लागू करा दी जाये। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 5 वर्ष के बाद आगामी 14 से 21 मार्च, 2016 की अवधि में आयोजित कराई जाने वाली वार्षिक परीक्षाओं को बेहतर ढंग से शुचितापूर्वक सम्पन्न कराये जाने के साथ-साथ इसका प्रचार-प्रसार भी कराया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि परीक्षा परिणाम तथा विद्यालयों में पठन-पाठन के अन्य पैरामीटर को ध्यान में रखते हुए माह अपै्रल, 2016 के अन्त तक विद्यालयों का श्रेणीकरण करा लिया जाय और उसकी सूचना संकलित कर ली जाय।
 मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकों के मुद्रण एवं प्रकाशन में प्रायः विलम्ब होने को दृष्टिगत रखते हुऐ शैक्षिक सत्र 2017-18 में यह सुनिश्चित किया जाय कि पाठ्य पुस्तकें नवीन शैक्षिक सत्र प्रारम्भ होते ही छात्रों को अवश्य उपलब्ध हो जाये। इसके साथ ही वर्ष 2016-17 में पाठ्य पुस्तकों का पुनरीक्षण राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा कराया जाय ताकि शैक्षिक सत्र 2017-18 हेतु नवीन पाठ्य पुस्तकें लागू की जा सकें।
श्री रंजन ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु विशेष ध्यान दिया जाय। अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाय तथा उनको अद्यतन शिक्षण विधा की जानकारी दी जाय ताकि कक्षा शिक्षण में गुणवत्ता परिलक्षित हो और फलस्वरूप छात्र-छात्राओं के उपलब्धि स्तर में सुधार आ सके। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबन्ध समितियों का गठन एवं उनके कार्यकाल के बारे में विचार कर विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाय ताकि विद्यालय प्रबंध समितियाॅ विद्यालय में पठन-पाठन कार्य में सुधार लाने हेतु सक्षम हो सकें एवं अपनी प्रभावी भूमिका का निर्वहन कर सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी भाषा के पठन-पाठन का स्तर संतोषजनक नहीं है जबकि यह एक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के अध्यापकों को अंग्रेजी विषय पर प्रशिक्षित कियेे जाने पर विशेष ध्यान देते हुए निदेशक,राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद,उ0प्र0 द्वारा यथाशीघ्र कार्य योजना तैयार की जाय और तदनुसार शैक्षिक सत्र 2016-17 में अध्यापकों को अंग्रेजी विषय पर प्रशिक्षित कराया जाये। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी विषय के साथ-साथ अतिरिक्त विज्ञान एवं गणित विषय पर भी अध्यापकों को प्रशिक्षण दिलाया जाये। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित कराने हेतु विद्यालय पुरस्कार योजना प्रारम्भ की गयी है। निर्देश दिये गये कि जनपदों से उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन मार्च, 2016 में ही पूर्ण कराकर संबंधित विद्यालय प्रबन्ध समिति एवं प्रधानाध्यापक को पुरस्कृत एवं सम्मिलित किया जाये।
श्री रंजन ने माध्यमिक एवं बेसिक विद्यालयों में छात्रों हेतु फर्नीचर एवं शौचालयों की व्यवस्था अवश्य कराने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि 18 माडल स्कूलों को नवोदय विद्यालय के पैटर्न पर प्रारम्भ कराने हेतु कक्षा-6 एवं 09 में छात्रों के प्रवेश हेतु प्रवेश-परीक्षा वर्तमान माह मार्च के अन्तिम सप्ताह तक पारदर्शिता के साथ अवश्य आयोजित करा ली जाये। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में अध्ययन प्राप्त करने वाले छात्रों की रहने की व्यवस्था हेतु निर्माणाधीन छात्रावासों को निर्माण पूर्ण हो जाने की अवधि तक नियमानुसार किराये के भवन अथवा नवनिर्मित विद्यालयों में ही रहने हेतु व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि इन नवनिर्मित विद्यालयोें में नियमित चयन होने तक योग्य शिक्षकों की तैनाती जनहित में अस्थाई रूप से अवश्य करा दी जाये ताकि शिक्षण कार्य समय से अवश्य प्रारम्भ हो जाये।
बैठक में प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा, श्री जितेन्द्र कुमार, सचिव बेसिक शिक्षा, श्री आशीष कुमार गोयल सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

Scroll To Top
Translate »