
लखनऊ | तैनाती के दौरान शराब की दुकानों के आवंटन में फर्जीवाड़ा कर भ्रष्टाचार के आरोपी सेवानिवृत उप आबकारी आयुक्त अशोक व उनकी पत्नी सुधारानी को विजिलेंस की टीम ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार दंपति को अदालत में पेश किया गया।
अशोक जब वाराणसी में सहायक आबकारी आयुक्त के पद पर तैनात थे, तब उन पर मिर्जापुर में शराब की दुकानों के आवंटन में दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगे थे। उन्होंने अपने कई परिजनों के नाम पर दुकानों का आवंटन करा दिया था। जांच में भ्रष्टाचार के इस खेल में उनकी पत्नी की संलिप्तता भी सामने आई थी। इस मामले में मिजापुर की सदर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओ में मुकदमा दर्ज हुआ था।
सरकारी अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा होने की वजह से मामले की जांच विजिलेंस के सुपुर्द की गई थी। विजिलेंस की जांच में आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद जांच एजेंसी ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप कर अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी शासन कि स्वीकृती मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने सोमवार को आरोपी दम्पति को प्रयागराज में गिरफ्तार कर फिर उन्हें मिर्जापुर की अदालत में पेश किया।
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