लखनऊ | भारतीय जनता पार्टी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं के अन्तर्गत 15 जून से शुरू हो रहे नये शैक्षिक सत्र में स्कूल, कालेज एवं शिक्षण संस्थानों में अधिकाधिक लड़कियो के दाखिले हो इसका प्रयास करने का फैसला किया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने कहा इच्छा शक्ति और मन के संकल्प से इस अभियान को सम्पन्न कराने में सभी को जुटना होगा। भाजपा के जिम्मेदार कार्यकर्ता होने के नाते हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है कि बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लें।आज भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं कार्यशाला में कार्य योजना को अंतिम रूप देते हुए फैसला किया गया कि उ0प्र0 के 10 जिले जहां लिंगानुपात गड़बड़ है वहां इस अभियान में की सफलता के लिए विशेष प्रयास किये जायेगे। बैठक के बाद अभियान की संयोजक प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता भदौरिया एवं सह सयोजक संयुक्ता भाटिया ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि सरकारी मशीनरी के अतिरिक्त भाजपा कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संस्थाओं, संत महात्माओं , कथाकारों, कीर्तिन मण्डलियों, स्थानीय अभिनेताओं-अभिनेत्रियों, को प्रेरित कर इस अभियान को सफल बनाने में पार्टी कार्यकर्ता जुटेगें।।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने कहा इतिहास में पुराणों में वेदों में भी देखा जाये तो बेटियो/कन्याओं ने नाम रोशन किया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर जी ने प्रदेश भर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं अभियान में लगे कार्यकर्ताओं की बैठक सम्बोधित करते हुआ कहा परिवर्तन भाषण, पुस्तक टीवी से नहीं होता। परिवर्तन हिन्दुस्तान में दो बार आया जब इन्दिरा ने लोकतंत्र की हत्या की तो देश में व्याप्त जनाक्रोश ने उन्हें सत्ता से वेदखल किया दूसरा परिवर्तन अभी आया आया है जब साठ सालों से सम्पूर्ण देश भ्रष्टाचार कुशासन से त्राहिमाम कर रहा था तो पूरे देश की जनता ने भ्रष्टाचार कुशासन से मुक्ति के लिए मन बनाकर केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार को बनाया । देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है लोगो को पार्टी को नीतियों एवं विषयों को समझानी पड़ेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री तरूण चुग ने कहा ‘‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं’’ कार्यक्रम को जनान्दोलन के रूप में चलायेगी। भारतीय संस्कृति में बेटी बोझ नही बल्कि परिवार और समाज का गौरव बढ़ाने वाली हैं। आदिकाल से आजतक भारतीय नारी ने समान पवित्र में सभी क्षेत्रों में परिवार, समाज देश का सम्मान बढ़ाया फिर चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो या युद्ध का मैदान। देश के 100 जिले जहां लिंगनुपात गड़बड़ है उनमें से 10 जिले उ0प्र0 के है। उ0प्र0 के कार्यकर्ताओं को विशेष प्रयास की आवश्यकता है कि उसके माथे पर लगे कंलक को धोये।
बेटी बचाओं-बेटी पढाओं अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी राजेन्द्र फड़के ने बताया कि कार्यक्रम को गांव-गांव तक पहुॅचाने के लिए मण्डल स्तर तक टीम बनानी होगी। प्रत्येक टीम में जिनमें 6-6 सदस्य होंगे। गांवों में काम करने वाली आंगनवाड़ी सेविकाओं को भी इस कार्यक्रम में जोडना होगा। उन्होंने बताया कि आगे प्रदेश के सभी आठ क्षेत्रों में बैठक होगी।
श्री फडके ने कहा कि पश्चिम के 10 जिलों में जहां लिंगानुपात में असंतुलन ज्यादा है वहां युद्ध स्तर पर काम करने की आवश्यकता है।
बैठक में मार्गदर्शन करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि यदि अल्ट्रासाउन्ड सेंटर में भू्रण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या का पता प्रदेश भर में कही चलता है, तो सरिता भदौरिया जी के नेतृत्व में पार्टी उसकी ईट से ईट बजा देगी।
डा0 बाजपेयी ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के अन्र्तगत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ है। यह योजना 2 दिसम्बर 2003 के बाद में जन्मी कन्याओं हेतु है। बालिका का जन्म प्रमाण पत्र और संरक्षक का पहचान पत्र होना अति आवश्यक है। प्रारम्भिक जमा राशि 1 हजार तथा प्रतिवर्ष एक किस्त न्यूनतम 1000 से 1 लाख 50 हजार रू0 तक (व 100 रूपये के गुणांक में प्रत्येक माह) जमा की जा सकती है। इस खाते खाते में 14 वर्ष तक पैसा जमा करना होगा। बालिका की शिक्षा एवं शादी हेतु उसकी 18 वर्ष की अवस्था के बाद 50 प्रतिशत तक आंशिक निकासी की सुविधा है। इस योजना में 9.2 प्रतिशत ब्याज का लाभ भी मिलेगा। एक परिवार की अधिकतम दो बालिकाओं को इसका लाभ मिलेगा।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने संगठनात्मक वृत्त लिया और उपस्थित कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम से जुड़ने की अपील की।
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