
करीब 11 साल में बनकर तैयार हुए सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन भी नाटकीय रहा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय सांसद मनोज तिवारी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे।उन्होंने पहले ही घोषणा कर रखी थी कि वे मुख्यमंत्री को बुके भेंट करेंगे। मौके पर भाजपा और आप समर्थकों के बीच धक्का मुक्की हुई। पुलिस ने बैरिकेट लगाकर भीड़ को रोका। आरोप है कि कुछ लोगों को चोट भी आई है।
भाजपा सासंद मनोज तिवारी ने कहा कि कुछ पुलिस वालों ने बदसलूकी की है। उन्होंने एक स्थानीय अधिकारी का नाम लेते हुए कहा कि चार दिनों के अंदर पुलिस को समझा दिया जाएगा। सबकी कुंड़ली मेरे पास है। पुलिस के कुछ लोग केजरीवाल के इशारे पर बदसलूकी कर रहे हैं। तिवारी अपने समर्थकों के साथ मौके पर ही डटे रहे।
ट्वीटर पर मजा घमासान
पुल उद्घाटन को लेकरशुरू हुई राजनीति ट्वीटर पर भी गर्माई रही। भाजपा सासंद मनोज तिवारी के साथ-साथ सीएम अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया और भाजपा तथा आप के दूसरे नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
अंतिम रूप देना बाकी : सिग्नेचर ब्रिज का काम लगभग पूरा हो गया है, लेकिन अंतिम रूप देना बाकी है, जो 31 मार्च तक ही पूरा हो पाएगा। ब्रिज को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, लेकिन पिलर के ऊपर बने 22 मीटर वाले खंड पर लोग 31 मार्च के बाद ही जा पाएंगे। इस 22 मीटर वाले खंड में काम जारी है। यहां ग्लास हाउस बनाया जाएगा, जिससे पूरी दिल्ली का पैनोरोमिक व्यू देखने को मिलेगा। विभाग के अधिकारी ने बताया कि पिलर के ऊपर जाने के लिए दोनों तरफ चार लिफ्ट लगाई गई हैं, जिससे आठ लोग ऊपर जा सकेंगे। ऊपरी हिस्से में 50 लोगों के खड़े रहने की व्यवस्था होगी।
19 स्टे केबल्स : सिग्नेचर ब्रिज के मुख्य पिलर की ऊंचाई 154 मीटर है। ब्रिज पर 19 स्टे केबल्स हैं, जिन पर ब्रिज का 350 मीटर भाग बगैर किसी पिलर के रोका गया है। पिलर के ऊपरी भाग में चारों तरफ शीशे लगाए गए हैं।
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