प्रदेश के 13 जनपद स्मार्ट सिटी हेतु चयनित कर भारत सरकार को भेजने हेतु सहमति


mail.google.comलखनऊ:  उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने महापौरों, नगर आयुक्तों एवं नगर पालिका अध्यक्षों से कहा है कि भारत सरकार की गाइड लाइन्स के अनुसार उत्तर प्रदेश के शहरों का स्मार्ट सिटी में चयन करने हेतु कार्यों में और अधिक बेहतर उपलब्धि लाने हेतु सार्थक प्रयास सुनिश्चित किये जायें। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े हुये कार्यों को और बेहतर ढंग से क्रियान्वित कराकर जनमानस को सुविधायें उपलब्ध करायी जायें। उन्होंने कहा कि अन्य शहरों को भी निर्धारित गाइड लाइन्स के अनुसार अपने बेहतर कार्यों से आगामी 06 माह में होने वाले मूल्यांकन में मार्किंग में अपना बेहतर स्थान के प्रयास सुनिश्चित किये जायें।
मुख्य सचिव आज योजना भवन में स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत गठित राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप की गाइड लाईन्स के अनुसार मार्किंग के आधार पर प्रदेश के जनपद अलीगढ़, मुरादाबाद, सहानरपुर, बरेली, झाॅंसी, इलाहाबाद, आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी गाजियाबाद, रामपुर तथा मेरठ रैंकिक के प्रथम 13वें स्थान पर आने पर नगरों की रैकिंग पर सभी सदस्यों द्वारा भारत सरकार को भेजे जाने पर सहमति व्यक्त की गयी।
बैठक में भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाईन्स  के अनुसार प्रथम चरण में निर्धारित बिन्दुओं पर मार्किंग के आधार पर नगरों का चयन समिति को करना था। समिति के समक्ष 24 नगरों का मूल्यांकन भारत सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन्स के प्रारूप पर प्रस्तुत किया गया।
सचिव, नगर विकास विभाग, श्री एस0पी0 सिंह द्वारा स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन्स तथा अन्य योजनाओं के संबंध में अवगत कराया गया तथा यह भी बताया कि इस योजना के अन्तर्गत यह प्रथम चरण की प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया है तथा इसके पश्चात् नगरों को स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा तथा इन स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव हेतु भारत सरकार की अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एजेन्सी ब्लूमवर्क द्वारा मूल्यांकन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों को अपने सुधारों को निरंतर क्रियान्वित करना होगा तथा उनका नियमित रूप से शासन तथा भारत सरकार के स्तर पर अनुश्रवण भी किया जायेगा। अतः सभी नगरों के निकायों के महापौरों, अध्यक्ष तथा नगर आयुक्तों से अपेक्षा है कि भारत सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन्स का विस्तृत रूप से अध्ययन कर लें।
बैठक में क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केन्द्र, लखनऊ के प्रतिनिधि श्री ए0के0 गुप्ता, अपर निदेशक  द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन योजना के अन्तर्गत जारी गाईड लाईन्स तथा मार्किंग हेतु निर्धारित बिन्दुओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया तथा भारत सरकार द्वारा निर्धारित बिन्दुओं के अनुसार 15 बिन्दुओं पर निकायवार मूल्यांकन किया गया। इस योजना के अन्तर्गत जनगणना 2011 के आधार पर निर्मित शौचालय, आॅनलाईन शिकायत निवारण प्रणाली, मासिक ई-पत्रिका, इलेक्ट्रानिक्स रूप से सक्षम परियोजनावार म्युनिसिपल बजट व्यय सूचना, सेवा आपूर्ति में विलम्ब हेतु पूरक दण्ड लगाना, गत तीन वित्तीय वर्षों के दौरान आन्तरिक रूप से सृृजित राजस्व, वेतन का भुगतान, लेखाओं की लेखापरीक्षा, शुल्क और प्रयोक्ता प्रभारों, किराया तथा अन्य आंतरिक राजस्व स्त्रोतों के अंशदान का प्रतिषत, कर राजस्व, जल आपूर्ति की स्थापना और अनुश्रवण लागत का प्रतिशत, वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान प्रमुख कार्यो के लिए उपयोग किये गए आंतरिक राजस्व स्रोतों के अंशदान का प्रतिषत, शहर स्तरीय जेएनएनआरयूएम सुधार एवं जेएनएनआरयूएम के अंतर्गत मार्च 2012 तक स्वीकृत परियोजनाओं की पूर्णता के आधार पर बिन्दुओं का विश्लेषण किया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव-नियोजन विभाग श्री अनूप चन्द्र पाण्डेय, मिशन निदेशक श्री ए0के0 सिंह, विशेष सचिव-ऊर्जा श्री रूपेष कुमार, विशेष सचिव-वित्त श्री वी0के0एल0 श्रीवास्तव, निदेशक शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार श्री मृणालकान्त त्रिपाठी सहित विभिन्न नगर निगमों के महापौर तथा अध्यक्ष नगर पालिका परिषद उपस्थित थे।

Scroll To Top
Translate »