SGPGI ने रचा इतिहास, प्लेसेंटा में ट्यूमर का किया सफल ऑपरेशन


 

sgpgi-1446901124लखनऊ. राजधानी स्थित एसजीपीजीआई के डॉक्टरों ने एक महिला के प्लेसेंटा में हुए ट्यूमर को ठीक कर इतिहास रच दिया। बताते चलें कि विश्व का ये सातवां केस है, जिसमें गर्भवती महिला में नई तकनीक से इलाज किया और स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

संजय गांधी पीजीआई के डॉक्टरों ने प्लेसेंटा में टयूमर की समस्या से ग्रस्त गर्भवती महिला का नई तकनीक से इलाज कर स्वस्थ्य शिशु का जन्म कराया है। यह विश्व का सातवां और भारत में अपनी तरह का पहला केस है।
डॉक्टरों को इस केस को आपरेट करने में लगभग एक घण्टे का समय लगा। डिलवरी के दौरान ही महिला के शरीर से टयूमर सफलतार्पूक निकाल लिया गया। यह जानकारी संजय गांधी पीजीआई के एमआरएच विभाग की प्रमुख डॉ. मंदाकिनी प्रधान ने पीएमएसएसवाई ब्लाक में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

डॉ.मंदाकिनी ने बताया कि मरीज का नाम वंदना शुक्ला है और वह बाराबंकी जनपद की रहने वाली है। वह दूसरी बार गर्भवती हुई थी। उसका एक बच्चा पहले से था। गर्भधारण करने के बाद से उसके पेट में दर्द रहता था। उसके घरवालों ने कई अस्पतालों में दिखाया था लेकिन डॉक्टरों ने केस को हाथ में लेने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद घरवाले वंदना को लेकर 25 नंवबर 2015 को पीजीआई आ गये।

यहां एमआरएच विभाग में डॉक्टरों को दिखाया तो उन्होंने कुछ जांचे लिखी। जांच रिपोर्ट में पता चला कि महिला को प्लेसेंटा में बड़ा सा टयूमर है। यदि समय रहते उसे बाहर नहीं निकाला गया तो शिशु की जान को खतरा हो सकता है। डॉक्टरों ने मरीज को भर्ती कर पहले तो महिला के पेट मेंइंजेक्शन देकर प्लेसेंटा और टयूमर के जरिये बच्चे के शरीर में प्रवाहित हो रहे खून को बंद किया। इसके बाद 31 दिसंबर को
प्रसूता की डिलीवरी कराई गई। डिलीवरी के दौरान ही महिला के पेट से टयूमर बाहर निकाला गया और इस तरह नई तकनीक अपनाकर डॉक्टरों ने मां की तो जान बचाई ही बल्कि शिशु को भी गर्भ से
सकुशल बाहर निकालने में सफलता हासिल कर लिया।

इस काम को करने में डॉक्टरों को करीब एक घंटे का समय लगा। मां और शिशु दोनों की हालत खतरे से बाहर है। डॉक्टरों ने इसे अपनी तरह का अनोखा केस बताया है। यह भी कहा कि इसके पहले उन्होंने अपने कार्यकाल में इस तरह का न तो कोई केस कभी देखा है और न ही कभी आपरेट ही किया है।


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