ग्रेनो के रेलवे, बस अड्डा व मेट्रो स्टेशन को जोड़ेगा मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब का स्काई वॉक


ग्रेटर नोएडा। शहर के मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में प्रस्तावित रेलवे, मेट्रो स्टेशन और बस अड्डे को स्काई वॉक (ट्रेवलर) से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को रेलवे स्टेशन से बस अड्डा या फिर मेट्रो स्टेशन तक आने-जाने में सहूलियत होगी। वह ट्रेवलर पर एक जगह खड़े होकर गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। पूरी परियोजना का कॉन्सेप्ट प्लान तैयार हो चुका है। ग्रेनो के मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब को दिल्ली के आनंद विहार से भी बेहतर और सुविधाजनक बनाने की तैयारी है। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट एक माह में तैयार हो जाएगी। स्काई वॉक की लंबाई करीब आधा किमी होगी।

ग्रेनो प्राधिकरण ने भारत सरकार के सहयोग से बोड़ाकी के पास सात गांवों की 478 हेक्टेयर जमीन पर मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक हब की योजना तैयार की है। दोनों परियोजनाओं पर भारत सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। अब तक करीब 80 फीसदी जमीन प्राप्त हो गई है। ट्रांसपोर्ट हब की तीन अहम परियोजनाएं, बोड़ाकी के पास रेलवे टर्मिनल, अंतरराज्यीय व लोकल बस अड्डा और मेट्रो कनेक्टिविटी की सुविधा विकसित की जाएगी। पहली परियोजना यानी बोड़ाकी के पास रेलवे टर्मिनल पर रेल मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। पांच साल में इसके तैयार होने की उम्मीद है। ग्रेनो और इसके आसपास रहने वालों को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि के लिए ट्रेनें यहीं से मिल सकेंगी।

उन्हें नई दिल्ली व आनंद विहार रेलवे स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दूसरी परियोजना में अंतरराज्यीय व लोकल बस अड्डा है। इसके बनने से उद्योगों में काम करने वालों को दूरदराज के साथ लोकल बसें भी मिल सकेंगी। इसका जिम्मा रोडवेज को दिया जा सकता है। तीसरी परियोजना में नोएडा-ग्रेनो को जोड़ते हुए डिपो स्टेशन से ट्रांसपोर्ट हब तक मेट्रो स्टेशन है। डिपो स्टेशन से मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक करीब तीन किमी लंबी मेट्रो लाइन बनेगी। परिवहन की इन तीन सुविधाओं को यात्रियों के लिए और सुगम बनाने की कोशिश है। इसके मद्देनजर स्काई वॉक (ट्रेवलर) बनाने का निर्णय लिया गया है, ताकि रेलवे और मेट्रो स्टेशन व बस अड्डा आपस में जुड़ सकें।
होटल व पार्किंग की भी होगी सुविधा
मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में यात्रियों के लिए कई और गतिविधियां भी होंगी। इसमें होटल, ऑफिस व पार्किंग की भी सुविधा होगी। ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि ट्रांसपोर्ट व लॉजिस्टिक हब की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्राधिकरण और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इंप्लीमेंटेशन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) की तरफ से गठित एसपीवी कंपनी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल) परियोजनाओं पर काम कर रही है। दोनों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्राइस वाटरहाउस कूपर नाम की कंपनी तैयार कर रही है। कंपनी ने एक माह में रिपोर्ट देने की बात कही है।


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