
लखनऊ. बीजेपी को विकास विरोधी पार्टी करार देते हुये सपा ने कहा कि श्वेतपत्र की आड़ में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है. पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का जो श्वेत पत्र पेश किया है उनमें सिर्फ काले अक्षर हैं, सच्चाई पर सफेदी पोती गई है और उस पर कोई यकीन करे तो कैसे करे. पिछली सरकारों की कमियां दिखाकर अपनी निष्क्रियता पर पर्दा डालने का काम किया जा रहा है. सच्चाई तो यह है कि बीजेपी सरकार कोई काम करना ही नहीं चाहती है. वह अपने वादे पर खरा नहीं उतर सकी है. प्रदेश के लिए कुछ करने का उनके पास अभी वक्त नहीं है. उनका मुख्य काम तो 2019 में केन्द्र में वापसी का सपना पूरा करना है.”
केन्द्र और राज्य में भाजपा की सरकारों का हवाला देते हुये राजेंद्र चौधरी ने कहा कि भाजपा के पास इन दिनों डबल इंजन है मगर यूपी में यह इंजन स्टार्ट तक नहीं हो पाया है. बीजेपी द्वारा जनता को बहकाने-फुसलाने का सिलसिला जारी है. बीजेपी राज के छह महीनों में ही उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था ठप हो गयी है और विकास की दौड़ थम गयी है. राज्य में कानून व्यवस्था का गंभीर संकट है. राजधानी लखनऊ में ही रोज हत्या, बलात्कार, अपहरण और लूट की घटनाएं हो रही हैं. बिजली संकट से आम जनता त्रस्त है वहीं लघु-मध्यम उद्योग बंदी के कगार पर हैं. नौजवान बेरोजगारी की मार झेलने को मजबूर हैं.
सपा प्रवक्ता ने कहा कि योगी यह दावा करते नहीं थकते हैं कि प्रदेश में अपराधी या तो जेल में होंगे या फिर यहां से पलायन कर जाएंगे, लेकिन हकीकत में अपराधी यहीं हैं कहीं गए नहीं है. अवैध कब्जे रोकने में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह विफल हो रही है. महिलाएं और बच्चियां पूरी तरह असुरक्षित हैं. योगी राज में सर्वाधिक उपेक्षित और बदहाल किसान हैं. उन्होंने दावा किया कि पिछली समाजवादी सरकार ने गांवों को 18 घंटे और महानगरों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की थी. अब सभी क्षेत्रों में 8 से 10 घंटे से भी ज्यादा बिजली कटौती हो रही है. बीजेपी सरकार दावे चाहे जितने करे पर हकीकत यह है कि छह महीने में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी सभी क्षेत्र संकटग्रस्त हैं.
अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्री काल में असाध्य बीमारियों हृदय रोग, लीवर, किडनी तथा कैंसर के इलाज की मुफ्त व्यवस्था की थी. बीजेपी सरकार में कैंसर संस्थान बंद होने जा रहा है. अस्पतालों में दवायें नहीं है. ऑक्सीजन की कमी से मौतें होने लगी हैं. अखिलेश जी ने मेट्रो चलवाई, एक्सप्रेस-वे, हाई-वे बनवाया लेकिन इनसे अभी तक कहीं भी कोई काम बेहतर नहीं हो पाया है.
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