नई दिल्ली, स्टार्टअप्स विशेषकर ई-कामर्स कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए वित्त मंत्रालय आगामी बजट में उनके ब्रांड प्रमोशन के लिए कर लाभ देने पर विचार कर सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार स्टार्टअप्स और ई-कामर्स कंपनियों को शुरुआती दौर में ब्रांड प्रमोशन के लिए खर्चों में कर कटौती करने की अनुमति दे सकती है।
केपीएमजी (इंडिया) के साझीदार (टैक्स) अमरजीत सिंह ने कहा कि नए ग्राहक बनाने के लिए एएमपी खर्च ई-कामर्स कंपनियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस खर्च का एक बड़ा हिस्सा अमूर्त होता है और सरकार को इस दिशा में कर लाभ देने पर विचार करना चाहिए।
नांगिया एंड कंपनी के प्रबंधकीय साझीदार राकेश नांगिया के मुताबिक, विज्ञापन, विपणन एवं बिक्री संवर्धन (एएमपी) के मद पर खर्च को एक अमूर्त संपत्ति के तौर पर एक पूंजीगत खर्च के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए।
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