
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मचारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस आदेश के विरोध में उतर आए हैं जिसमें उन्होंने सरकारी अफसरों को 9 बजे दफ्तर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। दरअसल कर्मचारियों का विरोध इस बात को लेकर है कि मुख्यमंत्री ने अफसरों को 9 बजे से जन सुनवाई करने को कहा गया है लेकिन जनपद स्तरीय अधिकारियों ने इस आदेश की आड़ लेते हुए सभी कर्मचारियों को 9 बजे दफ्तर पहुंचने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
राज्य कर्मचारियों ने इस आदेश के खिलाफ लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया और तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इस आदेश से राहत दिलाने की। लखनऊ में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के बैनर तले कर्मचारियों ने जिलाधिकारी आवास के सामने कर्मचारी प्रेरणा स्थल पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि शासन ने जनपद और मंडल स्तर के अधिकारियों को सुबह 9 बजे दफ्तर में रहकर जन समस्याओं की सुनवाई के निर्देश दिए थे।
जनपद और मंडल स्तरीय अफसरों ने इसे सभी जनपद स्तरीय कर्मचारियों पर थोप दिया है जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि राज्य कर्मचारियों के लिए 1975 में जारी शासनादेश के मुताबिक उन्हें 10 बजे दफ्तर में पहुंचकर कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। अब 9 बजे कर्मचारियों को दफ्तर बुलाने से राज्य कर्मचारियों में आक्रोश है। प्रदर्शन के दौरान जनपद अध्यक्ष बी एस डोलिया, उत्तर प्रदेश सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्रा, दिवाकर राय, एन डी द्विवेदी, ए के मिश्रा, एस के त्रिपाठी, राजेश वर्मा, रामवीर सिंह, मनोज श्रीवास्तव, संजीव गुप्ता, धर्मेंद्र सिंह, मुकेश जोशी, अशोक सिंह, अशोक दुबे, अनुज कुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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