
आखिरकर भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक का असर पाकिस्तान की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर दिखने लगा है। खबर है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के महानिदेशक रिजवान अख्तर को उनके पद से हटाया जा सकता है। इसका कारण पीओके में हुई सुरक्षा चूक और भारत की ओर से किए गए सर्जिकल स्ट्राइक को बताया जा रहा है।
पाकिस्तान के अखबार द नेशन ने रक्षा सूत्रों के हवाले से लिखा है, “इस खुफिया एजेंसी में बदलाव की प्रक्रिया शुरु हो गई है लेकिन उस बदलाव का वक्त सेना प्रमुख राहिल शरीफ पर निर्भर करेगा। शरीफ रिटायर होते हैं या उन्हें सेवा विस्तार मिलता है क्योंकि बिना सेना प्रमुख की मर्जी के इस तरह के बदलाव संभव नहीं है।” हालांकि पाक सेना के मुख्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा ने आईएसआई के शीर्ष पद पर इस तरह के बदलाव का खंडन किया है।
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माना जा रहा है कि कराची के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार आईएसआई चीफ रिजवान अख्तर की जगह ले सकते हैं। इससे पहले रिजवान अख्तर भी कराची में अपनी सेवा दे चुके हैं। पाक रक्षा सूत्रों के मुताबिक, जो भी शख्स कराची और सिंध में काम कर चुका होता है वो रक्षा जरूरतों को बखूबी समझता है। इसलिए नवीद मुख्तार इस दौड़ में सबसे आगे हैं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सीएम शाहबाज शरीफ ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मौजूदगी में ही आईएसआई के महानिदेशक जनरल रिजवान अख्तर को सख्त चेतावनी भरे अंदाज में कहा था कि अगर आपने आतंकियों पर नकेल नहीं लगाई तो अंतर्राष्ट्रीय जगत पाकिस्तान को अलग-थलग कर देगा। लेफ्टिनेंट जनरल रिजवान अख्तर सितंबर 2014 में आईएसआई के चीफ बनाए गए थे। कुछ दिनों पहले रिजवान अख्तर ने सेवा विस्तार नहीं लेने की घोषणा की थी। उन्होंने रिटायरमेंट लेने का फैसला किया था। उनका कार्यकाल तीन साल का है लेकिन अब इस प्रकरण को बाद उससे पहले उनकी विदाई हो सकती है।
Published Date: October
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