सुषमा स्वराज: प्रखर वक्ता, कुशल नेता… ऐसी रही आजीवन उनकी पहचान


 

नई दिल्ली  |  पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय रहनेवाली सुषमा ने पार्टी लाइन से अलग अपनी पहचान बनाई। बतौर विदेश मंत्री उनका कार्यकाल खासा चर्चित रहा। ओजस्वी वक्ता, तेज-तर्रार नेता और कुशल टास्क मास्टर के तौर पर उन्होंने अपनी पहचान गढ़ी। देश ने इस दिग्गज नेता को खो जरूर दिया है, लेकिन उनकी उपलब्धियां लंबे समय तक देशवासियों के दिल में बनी रहेंगी। जानें, सुषमा के जीवन के ऐसे ही खास प्रसंग

सुषमा स्वराज बेहतरीन वक्ता थीं और अपने भाषणों में ऐतिहासिक प्रसंग, कविताओं और व्यंग्य का जबरदस्त समावेश करती थीं। 1996 में जब वाजपेयी सरकार सिर्फ 13 दिन बाद गिर गई तो सदन में सुषमा ने बेहद प्रभावशाली भाषण दिया था। इस भाषण में उन्होंने रामायण और महाभारत के प्रसंगों को याद करते हुए सरकार गिरानेवाली पार्टियों को जमकर सुनाया था। इसी भाषण में उन्होंने कहा था कि आज भारत में रामराज्य की नींव पड़ गई है।

सुषमा अपनी हाजिरजवाब शख्सियत के लिए भी जानी जाती थीं। 2018 में लखनऊ के एक दंपती के पासपोर्ट मामले में मदद करने पर ट्विटर पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल किया था। सुषमा ने उन ट्रोलर्स को करारा जवाब देते हुए उनके ही ट्वीट लाइक किए और कहा था कि अपशब्द कहनेवालों के ट्वीट मैंने लाइक किए हैं।

सुषमा स्वराज ने बतौर विदेश मंत्री ट्विटर का प्रयोग हर वक्त लोगों के लिए उपलब्ध रहने के लिए भी किया था। विदेश में फंसे भारतीयों की मदद सिर्फ एक ट्विटर के जरिए करती थीं। सुषमा के इस व्यवहार ने विरोधियों को भी उनका मुरीद बना दिया था।


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