स्पष्ट निर्देश के बावजूद बिल्डिंग प्लान मंजूरी के छह मामले तय समय बीतने के बाद भी लंबित

लखनऊ | अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को वर्ष 2020-21 में 1545 एकड़ लैंड बैंक बढ़ाने का लक्ष्य तय कर दिया है। इसके अलावा निर्धारित समय सीमा में बिल्डिंग प्लान की मंजूरी न दिए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी दी है।
प्रदेश सरकार ने नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को लैंड बैंक में वृद्धि का लक्ष्य तय किया है। इसके अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, बंजर भूमि के पुनर्ग्रहण तथा बीमार औद्योगिक इकाइयों की भूमि नई इकाइयों को उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षित करनी है। इसके लिए माहवार लक्ष्य तय कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने यूपीसीडा के एमडी मयूर माहेश्वरी को माहवार तय लक्ष्य के हिसाब से लैंड बैंक में वृद्धि की कार्यवाही सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।
इसी तरह, प्राधिकरण के स्तर से तय समयसीमा में बिल्डिंग प्लान की मंजूरी दी जानी है। समीक्षा में पता चला कि स्पष्ट निर्देश के बावजूद बिल्डिंग प्लान मंजूरी के छह मामले तय समय बीतने के बाद भी लंबित थे। अपर मुख्य सचिव ने यूपीसीडा के एमडी को निर्देश दिए हैं कि ऐसी आंतरिक प्रणाली विकसित की जाए जिससे कोई भी प्रकरण तय समयसीमा से अधिक लंबित न रहे। यदि आवश्यक हो तो संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व तय कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यूपीसीडा को लैंड बैंक वृद्धि का लक्ष्य
भूमि अधिग्रहण 217 एकड़
बंजर भूमि का पुनर्ग्रहण 997 एकड़
रुग्ण इकाइयों की भूमि 331 एकड़
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