लखनऊ | भारतीय जनता पार्टी ने आज कहा कि यूपी सरकार गांवो में रात्रि निवास करने के साथ गांवो गरीबो और किसानों की बदहाली के प्रति संवेदनशील हो। प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बुन्देलखण्ड में लगातार तीन सालो से सूखे की मार झेल रहा अन्नदाता भुखमरी के कगार पर खड़ा है। पहले अतिवृष्टि-ओलावृष्टि और अब अकाल जैसी स्थित है। नहरों, पोखरो में पानी नहीं है। रवी की बुवाई भी नहीं हो पा रही है। सूखे खेत देख किसान जीवन से हाथ धो रहा है। बच्चे ने स्कूल जाना छोड़ दिया है।प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सरकारी मशीनरी में यदि किंचित मात्र भी संवेदनशीलता है तो वह लोहिया ग्राम में रात्रि प्रवास के साथ प्रदेश के उस हिस्सो पर भी ध्यान दे जहां जनता भोजन से महरूम है। जहां के बच्चों का स्कूल छोड़ना और परिवारों का भूखे सो जाना घास की रोटी खाना अपने आप में राज्य सरकार, शासन और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चिंता का विषय होना चाहिए। हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने सवाल किया कि प्रदेश की सपा सरकार के विकास का पैमाना क्या यही है ? जिस प्रदेश में कई जनपदों में लोग को दो वक्त की रोटी न मिल पा रही हो उसे अपने प्रशासन तत्र की संवेदनशीलता और विकास पर तरस खानी चाहिए।
हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने सवाल पूछा कि उ0प्र0 की जन वितरण प्रणाली (च्क्ै) क्या यही है कि लोगों को गांवों में सप्ताह में एक दिन भोजन नहीं मिल रहा है ? प्रदेश प्रवक्ता ने सरकार से यह भी सवाल पूछा कि अधिकारियों के लोहिया गांवो में रात्रि प्रवास में बदहाल किसानों की इन समस्याओं का भी कोई समाधान है ?
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