
ग्रेटर नोएडा | जेपी बिल्डर के खरीदारों की चिंता दूर करने के लिए यमुना प्राधिकरण के दफ्तर में बैठक हुई। बैठक में जेपी के तीन प्रोजेक्ट के खरीदारों को पैसे वापस करने पर सहमति बनी। इन योजनाओं में अब तक 350 खरीदारों ने पैसा वापस करने के लिए आवेदन किया है। यह पैसा एक साल के अंदर चार किस्तों में दिया जाएगा। यमुना प्राधिकरण के दफ्तर हुई बैठक में एनसीएलटी द्वारा नियुक्त अंतरिम रिजोलेशन प्रोफेशनल (आईआरपी) अनूप जैन, जेपी के प्रतिनिधि और प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह शामिल हुए। एनसीएलटी की कार्रवाई से पहले यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह और खरीदारों की बैठक में तय किया गया था कि जो पैसा वापस लेना चाहेगा, उसे मिलेगा। यह पैसा उन खरीदारों को लौटाना था, जिन्होंने अमन-3, उड़ान और यमुना विहार प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदे हैं। ऐसे करीब 350 खरीदारों ने पैसे वापस मांगे हैं।
यमुना प्राधिकरण ने जुलाई माह में जेपी की स्पोर्ट्स सिटी के खरीदारों के साथ बैठक की थी। बैठक में अमन-3, यमुना विहार और उड़ान प्रोजेक्ट के खरीदारों ने पैसा वापस मांगा था। लेकिन, बिल्डर ने उसका पालन नहीं किया। दो अगस्त को फिर सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने तत्काल जेपी समूह को तीनों प्रोजेक्ट के खरीदारों का पैसा वापस लौटाने का आदेश दिया था। जेपी समूह ने दो साल का समय मांगा था, लेकिन सीईओ ने एक साल का समय दिया। अब इस पर सहमति बनी है।
बैठक में बताया गया कि छह महीने तक जेपी अपनी संपत्तियों को बेच नहीं पाएगा। जेपी पर कितना कर्ज है, इसका आकलन शुरू हो गया है। इसके लिए खरीदारों से ब्योरा देने के लिए कहा गया है। इस समस्या से कैसे निपटा जाएगा, इसके लिए निवेशकों से सुझाव भी मांगे जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि छह महीने तक जेपी अपनी संपत्तियों को बेच नहीं पाएगा। जेपी पर कितना कर्ज है, इसका आकलन शुरू हो गया है। इसके लिए खरीदारों से ब्योरा देने के लिए कहा गया है। इस समस्या से कैसे निपटा जाएगा, इसके लिए निवेशकों से सुझाव भी मांगे जाएंगे।
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