मुख्यमंत्री ने लखनऊ की लम्बित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के रक्षा मंत्री को पत्र लिखा


 
368297-akhilesh-yadav-2रक्षा मंत्रालय में प्रकरणों के लम्बित होने की 
वजह से इन्हें पूरा कराने में समस्या आ रही है 
 
लखनऊ:   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने लखनऊ की विभिन्न लम्बित परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री पर्रीकर से रक्षा मंत्रालय की अनुमति दिलाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में श्री पर्रीकर को एक पत्र लिखकर 3 प्रकरणों के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए विश्वास जताया है कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री के सहयोग से इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जा सकेगा।
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने लखनऊ शहर के समग्र विकास एवं जनता की सुविधा हेतु राज्य सरकार द्वारा विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को प्रारम्भ किए जाने का उल्लेख करते हुए यह भी लिखा कि कतिपय प्रकरण रक्षा मंत्रालय में लम्बित होने की वजह से इन परियोजनाओं को पूरा करने में समस्या आ रही है और जनता को इनका लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा।
रक्षा मंत्रालय मंे लम्बित प्रकरणों की ओर श्री पर्रीकर का ध्यान आकृष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि लखनऊ शहर की बढ़ती आबादी व विकास को दृष्टिगत रखते हुए यातायात समस्या से निजात पाने के लिए पेरिफरियल सड़क के निर्माण हेतु कुकरैल नाले पर बनने वाले मार्ग व सेतु निर्माण से सम्बन्धित विवाद को दूर करने के लिए 17 दिसम्बर, 2013 को तत्कालीन रक्षा मंत्री एवं 13 फरवरी, 2015 को श्री पर्रीकर को पत्र लिखा गया था। किन्तु यह प्रकरण रक्षा मंत्रालय स्तर पर अब भी लम्बित है। उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में रक्षा मंत्रालय से लगातार अनुरोध किया जा रहा है, किन्तु वांछित अनुमति न मिलने के कारण सड़क व सेतु के निर्माण अधूरे पड़े हैं। यदि रक्षा मंत्रालय से इसकी अनुमति शीघ्र प्राप्त हो जाती है तो सड़क व सेतु का अधूरा निर्माण कार्य अतिशीघ्र पूरा कराया जा सकेगा।
रक्षा मंत्रालय में लम्बित एक अन्य महत्वपूर्ण प्रकरण की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ शहर में कुकरैल बन्धे के ऊपर 6 लेन चैड़े 4.180 कि0मी0 निर्माणाधीन फ्लाईओवर/उपरगामी सेतु, जिसका 2.55 कि0मी0 का भाग काफी पहले ही पूर्ण हो चुका है, लेकिन सेना से ‘आपरेशनल’ अनुमति न मिलने के कारण अभी तक अवशेष निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इस सम्बन्ध में 12 जून, 2013, 05 अगस्त, 2013, 19 अगस्त, 2013 तथा 19 अगस्त, 2014 को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तथा 11 मार्च, 2015 को उनके द्वारा अनुरोध पत्र भेजा गया था। सेना से ‘वर्किंग परमीशन’ न मिल पाने के कारण जनता की सुविधा के लिए शुरू किया गया यह प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने इस प्रकरण में भी शीघ्र अनुमति देने का अनुरोध किया है।
श्री यादव ने रक्षा मंत्रालय स्तर पर लम्बित एक और मामले की ओर श्री पर्रीकर का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि लखनऊ शहर में ट्रैफिक दबाव को कम करने व आम जनता के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए, दिलकुशा एवं जनेश्वर मिश्र पार्क के मध्य गोमती नदी (पिपराघाट) पर 260.68 मीटर लम्बाई में एक सेतु निर्माणाधीन है, जिसका 40 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस बारे में प्रदेश शासन द्वारा 04 जुलाई, 2015 व 31 अगस्त, 2015 को सम्बन्धित अधिकारियों को अनुरोध पत्र भेजे गये तथा उनके द्वारा भी 02 नवम्बर, 2015 को पत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया, किन्तु सेना से वर्किंग परमीशन न मिलने के कारण यह प्रोजेक्ट भी अभी अधूरा पड़ा है।
श्री यादव ने केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय के स्तर पर लम्बित इन समस्त प्रकरणों के बारे में पूर्व में लिखे गये अपने पत्रों की छायाप्रति संलग्न करते हुए लखनऊ शहर की जनता की सुविधा के लिए इन लम्बित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रीकर से शीघ्र अनुमति एवं सहयोग देने का पुनः अनुरोध किया है।
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