
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की पुस्तक ‘चरैवेती-चरैवेती‘ का लोकार्पण शुक्रवार को राजभवन में हुआ। इस मौके पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह और सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित कई दिग्गज नेता मौजूद थे। इस मौके पर राजनाथ ने कहा देश में राजनीति और राजनेताओं के प्रति विश्वास का संकट पैदा हो गया है उसे खत्म करना बहुत जरूरी है। इसे एक चुनौती के रूप में लिया जाना चाहिये। लखनऊ स्थित राजभवन में नाईक की पुस्तक का विमोचन करते हुये गृहमंत्री ने यह बातें कही।
इस मौके पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी, पूर्व मंत्री अम्मार रिजवी व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय भी मौजूद थे।राजनाथ ने राम नाईक की प्रशंसा करते हुये कहा कि उन्होंने जो पुस्तक चरैवेती-चरैवेती लिखी है यह ठीक उनके जीवन के संघर्षों की तरह है। वह हमेशा जीवन में चलते रहे जिसकी वजह से उन्होंने अपना राजनेता के रूप में ही मुकाम नहीं बनाया, बल्कि एक सामाजिक राजनेता के रूप में उभरे। गृहमंत्री ने हालांकि चुटकी लेते हुये कहा कि उप्र का राज्यपाल बनने के बाद नाईक ने यहां भी खूब काम किया है और इसको मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी समझते होंगे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि राम नाईक ने जो पुस्तक लिखी है उससे सभी नौजवानों को सीख लेनी चाहिये। उनका जीवन संघर्षों भरा रहा है। हर राजनेता के लिये समय, काल व परिस्थतियां अलग होती हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि उप्र के राज्यपाल के तौर पर उनसे काफी कुछ सीखने को भी मिला है। जब-जब कोई दिक्कत आयी, उन्होंने हमेशा मार्गदर्शन किया और समस्या के समाधान के लिये उपाय भी सुझाये। हालांकि इस माके पर अखिलेश केंद्र सरकार के नोट बदलने के फैसले पर चुटकी लेना नहीं भूले। अखिलेश ने कहा, ‘‘ राम नाईक जी की पुस्तक आ गयी है और आज सबको मिल भी जायेगी। इस माके पर मैं आग्रह करना चाहूंगा कि लोगों के लिये पुराने नोट से भी पुस्तक खरीदने की व्यवस्था की जाये।‘‘इसके पूर्व राज्यपाल राम नाइक ने भी अपनी पुस्तक के बारे में लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में उनके जीवन की कहानी नहीं है बल्कि कुछ मार्मिक और रोचक घटनाओं का संग्रह है। नाइक ने कहा कि यह पुस्तक उन लाखों कार्यकर्ताओं को समर्पित है जिन्होंने हर कदम पर उनकी मदद की।
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