जिलाधिकारी बाढ़ की स्थिति पर सतत नजर रखें, बाढ़ प्रभावित परिवारों को अविलम्ब राहत पहुंचाई जाये—मुख्य सचिव


लखनऊ | मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि कुछ जनपदों में बाढ़ एवं जल-भराव की स्थिति सामने आई है, अतः सभी जिलाधिकारी बाढ़ एवं जल-भराव पर सतत नजर रखें, नदियों के जलस्तर की सतत मॉनीटरिंग करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित जनपदों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा आपदा प्रबन्धन टीमों को चौबीसों घन्टों एक्टिव मोड में रखा जाये। उन्होंने कहा कि नौकाएं, राहत सामग्री आदि की कोई कमी नहीं होनी चाहिए तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित रहे। उन्होंने सुझाव दिया कि बाढ़ एवं जल-भराव वाले क्षेत्रों में यथासंभव बड़ी नावों को ही प्रयोग में लाया जाये क्योंकि छोटी नावों में ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है।

उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति एवं सफाई पर विशेष ध्यान दिये जाने पर बल देते हुए कहा कि बाढ़ का पानी कम हो जाने पर सफाई एवं छिड़काव की व्यवस्था की जाये ताकि बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।  पेयजल आपूर्ति की समीक्षा में उन्होंने कहा कि सीवर से पेयजल दूषित होता है, अतः पेयजल पाइपलाइनों का निरीक्षण करा लिया जाये तथा यह प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया जाये कि पाइपलाइन में कहीं भी लीकेज नहीं है।  मौरंग एवं गिट्टी की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के कतिपय जनपदों में कीमतों में वृद्धि की शिकायतें मिली हैं, अतः जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि स्टॉक रिलीज हो जाये तथा कहीं पर भी जमाखोरी न होने पाये। उन्होंने सरसों के तेल, प्याज एवं अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिये।  जनशिकायतों के निस्तारण की प्रगति समीक्षा में उन्होंने शिकायतों के गुणवत्तापरक निस्तारण एवं शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता पर दोषी अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा। मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करें तथा निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित करायें।  प्राधिकरणों द्वारा भवन के नक्शों को पास करने की स्थिति तथा लम्बित प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा में मुख्य सचिव ने सभी मण्डलायुक्तों से उक्त की समीक्षा करने तथा अगले 15 दिन में अभियान चलाकर शत-प्रतिशत निस्तारण कराने के निर्देश दिये।  उन्होंने बताया कि माध्यमिक विद्यालय खुल गये हैं तथा 23 अगस्त से कक्षा 06 से कक्षा 08 और 01 सितम्बर से कक्षा 01 से कक्षा 05 तक के विद्यालयों को खोला जाना प्रस्तावित है अतः सभी जिलाधिकारी कोरोना गाइडलाइन्स का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराएं। 

मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना की समीक्षा में उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश केन्द्रों की स्थापना में प्रदेश में अच्छा काम हुआ है। उन्होंने सभी केन्द्रों में पर्याप्त चारा, भूसा, पेयजल आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा इन केन्द्रों में बीमार गोवंश के इलाज के समुचित चिकित्सा व्यवस्था तथा चौबीसों घन्टे चौकीदार तैनात करने के निर्देश दिये। बरसात में गोवंश स्थलों पर कीचड़ न होने पाये, इसके लिए मौरंग आदि डलवा दिया जाये तथा वरिष्ठ अधिकारी इन केन्द्रों का नियमित भ्रमण कर निरीक्षण भी करते रहें ताकि सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त रहें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए भूसा एवं चारा की कोई कमी न होने पाये तथा पर्याप्त स्टॉक हमेशा उपलब्ध रहे।  पराली प्रबन्धन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि आई.ई.सी. एक्टिविटीज अभी से ही शुरू कर दी जायें तथा पराली प्रबन्धन के बारे में ग्राम पंचायतों की बैठकों में चर्चा हो। उन्होंने ग्राम पंचायतों की बैठकों में पराली प्रबन्धन के अलावा सफाई एवं नमामि गंगे पर भी ग्रामवासियों को जागरूक करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामों में पराली जलाने की घटनाएं सर्वाधिक घटित होती हैं, उनका चिन्हांकन कर लिया जाये तथा आई.ई.सी. गतिविधियों के साथ-साथ पराली को गोवंश केन्द्रों तक पहुंचानें तथा ग्राम पंचायतों, सहकारी समितियों, गन्ना समितियों आदि के माध्यम से पराली उपकरण उपलब्ध कराने की सुविधा का भी प्रचार-प्रसार कराया जाये। पराली उपकरण 80 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध हैं।  उन्होंने उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक एवं कीटनाशक रसायन उपलब्ध रहें, कहीं पर भी जमाखोरी न हो तथा इसको रोकने के लिए आकस्मिक रूप से छापे डाले जायें तथा स्टॉक चेक किये जायें। जमाखोरी या अनियमिततायें मिलने पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाये।  उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों, जल शक्ति अभियान कैच द रेन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, एनजीटी के आदेशों के अनुपालन की स्थिति, ऑक्सीजन प्लान्ट्स की स्थापना आदि की भी गहन समीक्षा की।

बैठक में सभी सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। संचालन अपर मुख्य सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन सुरेश चन्द्रा द्वारा किया गया।  


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