समस्त विकास प्राधिकरणों को लैण्डबैंक का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य योजना बनाकर अपने विकास कार्यों को गति देनी होगी: मुख्य सचिव


लखनऊ में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम एवं क्रीडासंकुल का 
निर्माण कार्य आगामी अक्टूबर, 2016 तक पूर्ण हो: आलोक रंजन
unnamed (1)लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने प्रदेश के समस्त विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों एवं सचिवों को निर्देश दिये हैं कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान निर्धारित अवधि में पारदर्शिता के साथ निराकरण न करने की स्थिति पर सम्बन्धित अधिकारियों को चिन्हित कर दण्डित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस में सम्बन्धित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करायी जाये और आम नागरिकों द्वारा उठायी जाने वाली समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित कराया जाये।
उन्होंने कहा कि समस्त विकास प्राधिकरणों को आॅनलाइन आम नागरिकों को आवेदन आदि की सुविधा उपलब्ध करानी होगी, ताकि नागरिकों को प्राधिकरणों के चक्कर न लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि प्राधिकरणों को अपनी बेहतर कार्यशैली से आम नागरिकों में अपनी और अधिक अच्छी छवि बनानी होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि समाजवादी आवास योजनान्तर्गत निर्मित आवासों को पारदर्शिता के साथ पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि समस्त विकास प्राधिकरणों को लैण्डबैंक का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य योजना बनाकर अपने विकास कार्यों को गति देनी होगी। उन्होंने लखनऊ में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम एवं क्रीडासंकुल का निर्माण कार्य आगामी अक्टूबर, 2016 तक पूर्ण कराने के भी निर्देश दिये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में आवास विकास के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गोमती नगर लखनऊ में अण्डरपास का निर्माण एवं लखनऊ के अधूरे आर0ओ0बी0 एवं फ्लाईओवर्स को पूर्ण कराने हेतु निर्माण कार्यों में गति लायी जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि समस्त प्राधिकरणों को अपने कार्य क्षेत्र के शहरों को हरा-भरा एवं सुन्दर बनाने हेतु छोटे-छोटे पार्कों को भी विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि पार्कों में सोलर लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये तथा प्राधिकरण कार्यालयों में एल0ई0डी0 लाइट का उपयोग सुनिश्चित हो।
श्री रंजन ने बनारस विकास प्राधिकरण की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि वाराणसी के घाटों में साउण्ड सिस्टम एवं लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये, ताकि गंगा नदी के किनारे भजन-कीर्तन होते रहें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि वाराणसी में माॅर्डन सिटी विकसित करने हेतु लगभग 60 से 70 एकड़ ऊसर जमीन चिन्हित कर कार्य योजना बनायी जाये।
मुख्य सचिव ने कहा कि समस्त विकास प्राधिकरणों को शहरों में शहरवासियों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु मल्टीलेवल पार्किंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करानी होगी। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को शुद्ध पेयजल एवं गड्ढामुक्त सड़कें उपलब्ध कराने हेतु विशेष जोर दिया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि विकास प्राधिकरणों में रूफटाप सोलर की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये।
बैठक में प्रमुख सचिव आवास श्री सदाकांत सहित समस्त विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष एवं सचिवों सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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