मोदी सरकार में देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं : मायावती


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कश्मीर में भाजपा-पीडीपी सरकार पर उठ रहे सवाल

लखनऊ,। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश मायावती ने आज  एक प्रेस कांफ्रेन्स को सम्बोधित करते हुए केन्द्र की मोदी सरकार एवं यूपी की अखिलेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस अवसर पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दौरान कल केरल के कोझिकोड में एक जनसभा को सम्बोधित करते समय खासकर उरी की आतंकवादी घटना में 18 भारतीय सैनिकों के बलिदान के साथ-साथ गरीबी, बेरोजगारी व अशिक्षा को समाप्त करने एवं विकास को भी लेकर जो बातें कहीं है वह सब निरर्थक साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी दूसरों को कोई सलाह देने से पहले इनको पहले अपने खुद के गिरेवान में भी यह झांक कर जरूर देखना चाहिये कि इन सब मामलों में इनकी यहाँ अपनी सरकार का अब तक का रिकार्ड क्या उपदेश देने लायक है भी या नहीं, अर्थात् कहीं ऐसा तो नहीं है कि खुद गुड़ खायें और दूसरों को मीठा खाने से परहेज करने की वे सलाह दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने एक्शन से देश को ऐसा भरोसा नहीं दे पा रहे हैं कि अब बस आगे ऐसा नहीं होगा, अब हमारी सीमायें सुरक्षित है, कोई आतंकी घूसपैठ नहीं कर पायेगा व हमारे किसी भी नागरिक व सैनिक का सीमापार से आतंकी घटनाओं में बलिदान नहीं होगा। यह पूरी तरह से जन अपेक्षा को पूरा कर पाने में केन्द्र सरकार की नाकामी नहीं तो और क्या है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार लोगों का ध्यान बाँटकर उन्हें गुमराह करने का प्रयास करती हुई हमें नजर आ रही है और इस मामलें में आश्चर्य की बात यह है कि यहाँ सीमापार से आतंकी हमलों में लगातर होने वाली भारी जान-माल के नुकसान को रोक पाने में अपनी कमजोरियों व विफलताओं पर से लोगों का ध्यान बाँटने के लिये, अब पाकिस्तान से गरीबी, बेरोजगारी व अशिक्षा से जंग करने की बात कही जा रही है, और साथ ही इस बारे में पाकिस्तान की जनता को भी सलाह दी जा रही है,  उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के पिछले लगभग ढाई वर्षों के शासनकाल के दौरान यहाँ गरीबी, मँहगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा के साथ-साथ जनहित व जनकल्याण के मामले में भी इनका रिकार्ड काफी ज्यादा खराब रहा है और इतना ही नहीं बल्कि इन सब मामलों में उन्होंने देश की जनता से लोकसभा आमचुनाव के दौरान किये गये अपने वायदों को थोड़ा भी जमीनी हकीकत में लागू नहीं करके लोगों से वायदा खिलाफी ही की है जिसके परिणाम स्वरूप ही उन्हें विभिन्न राज्यों में खासकर दिल्ली, बिहार, बंगाल, तमिलनाडु व केरल आदि में करारी हार का सामना करना पड़ा है।

यही खास वजह है कि देश की जनता में केन्द्र की वर्तमान भाजपा सरकार के खिलाफ व्यापक जन आक्रोश है, जो सीमा पार से आतंकी घटनाओं में भारी जान-माल की हानि से और भी ज्यादा इनकी परेशानी को बढ़ा देता है। इसी कारण खासकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड व पंजाब आदि राज्यों की जनता यह चाहती है कि इन राज्यों में होने वाले विधानसभा आमचुनाव के दौरान खासकर भाजपा व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोई लोक-लुभावन बातें व घोषणायें आदि न करे, बल्कि इससे पहले वे लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान किये गये अपने पुराने वायदों को पूरा करके दिखायें और फिर आगे कोई नये आश्वासन की घोषणायें आदि करें। वहीं बसपा सुप्रीमो ने अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारी भयंकर रूप धारण किये हुए है जिससे लोग अस्पतालों में बगैर इलाज के मर रहे हैं इस पर ध्यान देकर आपसी झगड़े में उलझे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार के गलत कार्यकलापों के साथ-साथ सपा मुखिया के पुत्रमोह के कारण सपा परिवार में जारी भारी अन्दरुनी घमासान व गृहयुद्ध से प्रदेश की आमजनता का काफी ज्यादा नुकसान होना लगातार जारी है। इस मामले में खासकर अपराध-नियन्त्रण व कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों का तो काफी ज्यादा बुरा हाल है।


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