
lucknow | गाज़ियाबादआकाश नगर में अवैध निर्माण तोड़ने गई जीडीए टीम का गुरुवारको महिलाओं और बिल्डरों ने विरोध जताया। आक्रोशित महिलाएं और बिल्डर बुलडोजर के आगे बैठ गए। लोगों ने जीडीए टीम का घेराव कर हंगामा किया। साथ ही जीडीए के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। डेढ़ घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद टीम बिना कार्रवाई किए लौट आई।
आकाश नगर में 22 जुलाई को निर्माणाधीन अवैध बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद जीडीए अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार जीडीए जोन तीन के प्रवर्तन अनुभाग की टीम पुलिस बल के साथ 12 बजे आकाश नगर पहुंचीं। इतनी तादात में टीम और पुलिस बल को देख वहां आसपास के लोगों का जमावड़ा लग गया। जीडीए टीम ने जैसे ही एक बहुमंजिला इमारत पर कार्रवाई करने के लिए बुलडोजर आगे बढ़ाया तो लोगों ने इसका विरोध कर दिया। लोगों ने टीम को घेर लिया और प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस बल ने लोगों को टीम के आसपास से हटाया और काफी समझाने का प्रयास किया। इसके बाद महिलाएं और बिल्डर बुलडोजर के आगे धरने पर बैठ गए। महिलाओं ने कहा कि हमने यहां जीवनभर की पूंजी लगाई है, इसे गिरने नहीं देंगे। पुलिस और जीडीए के अधिकारियों ने महिलाओं और बिल्डरों को समझाते हुए इसे सरकारी काम में बाधा बताया। इसके बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह जीडीए टीम का विरोध करते रहे। कुछ महिलाएं इमारत के प्रथम तल पर पहुंच गई और प्रदर्शन करने लगी। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद जीडीए टीम वापस लौट गई।
आकाश नगर में तोड़ने गई अवैध इमारत की दुकानों के शटर और रेलिंग तोड़कर जीडीए टीम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी कर दी। हालांकि इस इमारत को पूरी तरह ध्वस्त करने का निर्देश था। लोगों के हंगाम के बीच जीडीए टीम ने यह कार्रवाई कर दी। इसके बाद पुलिस बल कम होने के कारण टीम को वापस आना पड़ा।
आकाश नगर में हंगामें की सूचना आने के बाद जीडीए के ओएसडी ने एसएसपी से अतिरिक्त पुलिस फोर्स की मांग की, लेकिन अधिवक्ताओं के हंगामें के कारण एसएसपी ने अतिरिक्त पुलिस फोर्स मुहैया कराने में असमर्थता जताई। इसके बाद ओएसडी ने कार्रवाई किए बिना ही टीम को वापस लौटने का निर्देश दे दिया। आकाश नगर सात एकड़ में फैला हुआ है। यहां करीब साढ़े पांच सौ अवैध इमारतों में छह हजार फ्लैट हैं। इसमें से 80 से ज्यादा निर्माणाधीन हैं। ऐसे में जीडीए द्वारा यहां अवैध निर्माण पर कार्रवाई एक चुनौती साबित हो रहा है।
विभिन्न थाना क्षेत्रों में गुरुवार को सात अवैध निर्माण ध्वस्त किए। इसमें प्रवर्तन अनुभाग के प्रभारियों को उनके थाना क्षेत्र में ध्वस्त करने वाली इमारतों की सूची दी गई। प्रवर्तन अनुभाग की टीमों ने थाने से संपर्क कर पुलिस फोर्स ली और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने पहुंची। टीम ने चार थानों में सात अवैध निर्माण ध्वस्त किए। मसूरी थाना क्षेत्र के आकाश नगर में दो, साहिबाबाद थाना क्षेत्र के सुखधाम अपार्टमेंट, राधेश्यम पार्क और ट्रोनिका सिटी लोनी थाना क्षेत्र के वेलकम सिटी पार्क-दो में दो-दो और इंदिरापुरम के वैशाली में एक अवैध निर्माण को गिराया गया।
अवैध कॉलोनियों में बहुमंजिला इमारतें बनाने वाले बिल्डरों ने गुरुवार को डीएम से मुलाकात की। बिल्डरों ने कहा कि वह नक्शा पास कराने को तैयार है। ऐसे में जीडीए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रूक दे और बिल्डरों के नक्शे पास कर दें। इसपर डीएम ने साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि जीडीए बॉलाज में अवैध निर्माण का नक्शा पास करने का नियम नहीं है। ऐसे में वह इस संबंध में कोई आश्वासन नहीं दे सकती।
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