जीडीए दो साल बाद भी 45 उद्यमियों को इंद्रप्रस्थ योजना में भूखंडों पर कब्जा नहीं दे सका
फुलटाइम वीसी ना होने के कारण जीडीए के अफसर और अभियंता मनमानी करने पर उतारू

लखनऊ । गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण के अफसरों की कार्यशैली योगी सरकार की छवि बेहतर करने की जगह और खराब करने में लगी है । करीब दो साल पहले 45 उद्यमियों ने जीडीए की इंद्रप्रस्थ योजना में भूखंड लिए थे । उद्यमी इन औद्योगिक भूखंडों पर करीब दो सौ करोड़ का निवेश कर कारोबार शुरू करना चाह रहे हैं । लेकिन जीडीए दो साल बाद भी भूखंडों पर ना तो कब्जा दे सका है और ना ही योजना में विकास कार्य ।
इस बारे में की बार उद्यमी जीडीए अफसरों से मिले लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही दिया गया है ।
जीडीए मुख्य अभियंता आर के गुप्ता का कहना है कि मूलभूत सुविधाएं विकसित की जा रही है अभी पेड़ कटवाने का काम किया गया है। बाक़ी काम जल्द से जल्द करा कर आंबटियो को कब्जा दिया जायेगा ।
सवाल यह है कि दो साल से जीडीए क्या कर रहा है? औद्योगिक भूखंडों की नीलामी के समय जीडीए ने बड़े बड़े वायदे उद्यमियों से कियें थे । जिसमें योजना को विकसित कर भूखंडों पर कब्जा दिया जाना भी था ।
पर आज तक ऐसा नहीं हुआ बल्कि योगी सरकार द्वारा उद्यमियों को हर तरह की सुविधाएं देने के वायदा भी जीडीए की वजह से पूरा नहीं हो पा रहा है।
हकीकत यह है कि फुलटाइम वीसी ना होने के कारण जीडीए के अफसर और अभियंता मनमानी करने पर उतारू है।
https://rashtriyadinmaan.com
