गोरखपुर मण्डल की 2,503 कन्याओं का विवाह ‘कन्या विवाह सहायता योजना’ के तहत सम्पन्न


मुख्यमंत्री जनपद कुशीनगर में श्रम विभाग के तत्वावधान मेंउ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्डद्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में सम्मिलित हुए

मुख्यमंत्री द्वारा 11 नवविवाहित दम्पत्तियों को प्रतीक स्वरूप प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज जनपद कुशीनगर में श्रम विभाग के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 2,503 कन्याओं के विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। गोरखपुर मण्डल से सम्बन्धित जनपदों की इन कन्याओं का विवाह ‘कन्या विवाह सहायता योजना’ के तहत सम्पन्न हुआ। इसमें जनपद कुशीनगर की 654, जनपद गोरखपुर की 817, जनपद महराजगंज की 634 तथा जनपद देवरिया की 398 कन्याएं सम्मिलित हैं। इस समारोह में 138 मुस्लिम तथा 122 बौद्ध जोड़ों का विवाह भी सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री द्वारा 11 नवविवाहित दम्पत्तियों को प्रतीक स्वरूप प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने सामूहिक विवाह समारोह में परिणय सूत्र में बंधने वाले सभी जोड़ों को सौभाग्यशाली बताते हुए उन्हें हार्दिक बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में मुख्यमंत्री, मंत्रिगण, जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण की उपस्थिति लोकतंत्र की ताकत को दर्शाती है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री स्वामी प्रसाद मौर्य सहित उनके विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि श्रम विभाग ने शासन की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की परम्परा में कन्यादान महादान माना गया है। वर्तमान सरकार इस प्रकार के कार्यक्रमों से जुड़ रही है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जाति, मत, मजहब, क्षेत्र तथा भाषा का कोई भेदभाव नहीं किया गया है। सभी पात्र लोगों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। वर्ष 2017 के पहले भी श्रम विभाग था, लेकिन तब शासन की योजनाओं का लाभ गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं तथा महिलाओं को नहीं मिल पाता था। वर्तमान सरकार के गठन के बाद प्रत्येक जरूरतमन्द को शासन की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर ने जो संविधान दिया, उसमें सभी के लिए समान अधिकार की व्यवस्था की गयी है। केन्द्र और प्रदेश सरकार इसी समान अधिकार के तहत बिना भेदभाव समाज के अन्तिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, निःशुल्क विद्युत कनेक्शन, 05 लाख रुपये की आयुष्मान भारत योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना भेदभाव के दिया जा रहा है। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं व्यवस्थित रूप में आगे बढ़ रही हैं। किसानों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दिया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयास से 43 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराये गये हैं। 02 करोड़ 61 लाख शौचालय, 01 करोड़ 40 लाख गरीबों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन, 01 करोड़ 56 लाख निःशुल्क रसोई गैस, 90 लाख लोगों को निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन तथा दिव्यांगजन पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। 02 करोड़ 54 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि प्रदान की गयी है। यह सब तब सम्भव हुआ है, जब अपने-पराये का भेदभाव समाप्त हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ जब एक साथ मिलते हैं, तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। सामूहिक विवाह का कार्यक्रम इसी का प्रतिफल है। सामूहिक विवाह के दो लाभ होते हैं। इससे बाल विवाह और दहेज प्रथा दोनों पर अंकुश लगता है। उन्होंने कहा कि आज गांव की बेटी सबकी बेटी का भाव देखने को मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अभी विगत दिनों जनपद कुशीनगर में अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन किया है। इस एयरपोर्ट में वायु सेवाएं प्रारम्भ हो चुकी हैं। इसके अलावा, जनपद में एक मेडिकल कॉलेज भी बनने जा रहा है, जिससे कुशीनगरवासियों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह मेडिकल कॉलेज जनपद कुशीनगर की शान का प्रतीक होगा।  

सामूहिक विवाह के इस कार्यक्रम में प्रत्येक वर-वधू द्वारा मास्क के प्रयोग पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना दुनिया के कई देशों में कहर ढा रहा है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देश और प्रदेश ने कोरोना पर सफल नियंत्रण पा लिया, लेकिन दुनिया में संक्रमण के नये दौर को लेकर हमें सतर्कता पर पूरा ध्यान देना होगा। इसलिए ‘दो गज की दूरी मास्क है जरूरी’ मंत्र का अनुसरण करते हुए यह भी आवश्यक है कि सभी लोग समय से कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज अवश्य लें। निःशुल्क वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक करें। जिन लोगों ने अब तक वैक्सीन नहीं लगवायी है, उन्हें वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि वैक्सीन ही कोरोना से बचाव का एक महत्वपूर्ण साधन है।

श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बिना भेदभाव के समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। श्रमिक अपने कार्य के लिए विभिन्न स्थानों पर जाते रहते हैं। ऐसे में उनके बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए प्रत्येक मण्डल मुख्यालय पर अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा इन विद्यालयों में श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के हितों के दृष्टिगत 18 जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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