
लखनऊ, । प्रदेश सरकार ने भारत सरकार की अमृत योजना के अन्तर्गत ‘ईज आॅफ डूईंग बिजनेस’ में आॅनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम (ओबीपीएएस) को लागू करने के लिए विशेष सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी ओ0बी0पी0ए0एस0 के तहत बनाये जाने वाले कार्यों के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन श्री मुकुल सिंघल ने ओ.बी.पी.ए.एस. व्यवस्था लागू करने के सम्बन्ध में विस्तार से दिशा-निर्देश जारी किये हैं।
आॅनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम (ओबीपीएएस) को भारत सरकार की अपेक्षानुसार चयनित 61 नगरों में से सर्वप्रथम मेट्रो श्रेणी के नगर लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, मेरठ, वाराणसी, इलाहाबाद तथा आगरा में लागू किया जाना है। ओ0बी0पी0ए0एस0 व्यवस्था को लागू करने में अत्यधिक आधुनिक प्रोद्योगिकी का प्रयोग किया जायेगा। सबसे पहले इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण एवं गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में लागू किया जायेगा। दोनों प्राधिकरणों में ओबीपीएएस पूर्ण रूप से लागू करने के बाद इसे प्रदेश के सभी प्राधिकरणों में लागू किया जायेगा।
गठित कमेटी ओबीपीएएस के लिए आवश्यक साफ्टवेयर से सम्बन्धित निविदा की समस्त कार्यवाही जैसे बिड डाक्यूमेन्ट, कन्सल्टेन्ट रिव्यू कमेटी का गठन, निविदा स्वीकृति, अनुबन्ध आदि के कार्य सम्पादित करेगी। कमेटी के अध्यक्ष आवश्यकतानुसार अन्य तकनीकी विशेषज्ञों को भी इसमें नामित कर सकेंगें। कमेटी में अध्यक्ष महेन्द्र बहादुर, अथवा उनके प्रतिस्थानी विशेष सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, अजय कुमार मिश्र, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, निकंुज जौहरी, सहयुक्त नियोजक, लखनऊ/फैजाबाद नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, उ.प्र. सदस्य, प्रमुख सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग, उ.प्र. शासन द्वारा नामित आइ.टी. विशेषज्ञ अधिकारी सदस्य, श्री अनिल तिवारी, सहायक निदेशक सिस्टम, आवास बन्धु, लखनऊ सदस्य, श्री इश्तियाक अहमद, मुख्य नगर नियोजक, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण सदस्य, जे.एन. रेड्डी, मुख्य नगर नियोजक, लखनऊ विकास प्राधिकरण सदस्य, एन.आर. वर्मा, सलाहकार नियोजन, आवास बन्धु लखनऊ सदस्य, श्रीमती वन्दना सहगल, प्रधानाचार्य, राजकीय वास्तुकला महाविद्यालय, लखनऊ सदस्य होंगे।
प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों में ओबीपीएएस को तैयार करने के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, उ.प्र. को नोडल विभाग तथा मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक उत्तर प्रदेश को नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रदेश के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग द्वारा देश के अन्य राज्यों में चल रही इस प्रकार की व्यवस्था का अध्ययन किया जायेगा और उसे उत्तर प्रदेश की आवश्यकता के परिप्रेक्ष्य में ओबीपीएएस की पूरी व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार किया जायेगा।प्रमुख सचिव द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि ओबीपीएएस भारत सरकार का एवं राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है इसलिए सभी उपाध्यक्ष, विकास प्राधिकरण इसे विकसित करने में गठित कमेटी का आवश्यक सहयोग प्रदान करने के साथ ही साथ इसे प्राधिकरण में लागू कराना सुनिश्चित करेंगे।
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