
लखनऊ। राजकीय निर्माण निगम द्वारा निर्मित यूपी विद्युत नियामक आयोग के भवन की फाल्स सीलिंग कल भरभरा कर गिर गई । फाल्स सीलिंग आयोग के अध्यक्ष के कोटरूम की गिरी है। घटना में किसी को चोट नहीं आई है पर निर्माण निगम के घटिया निर्माण की पोल जरूर खुल गई है । दो माह पूर्व ही इस नवनिर्मित भवन का उपराष्ट्रपति ने उद्घाटन किया था।अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने जांच के आदेश दिए हैं और निर्माण निगम के एमडी राजन मित्तल से रिपोर्ट तलब की है ।
गोमती नगर स्थित विद्युत नियामक आयोग के भवन का उद्घाटन 26 मई को उपराष्ट्रपति ने किया था । 37.70 करोड रुपए की लागत से इसे तीन साल आठ माह में निर्माण निगम ने बना कर तैयार किया था । लोकार्पण के मौके पर राज्यपाल रामनाईक ने भवन निर्माण में ज्यादा धन और अधिक समय लगने पर सवाल उठाए थे । उन्होंने मंच से कहा था कि इस भवन के निर्माण में तय समय से दुगना समय लगा है । साथ ही इसकी लागत भी दो गुनी हो गई है । इस भवन को दो साल में बनना था और इस की अनुमानित लागत 18.70 करोड रूपए थी जो बढ कर 37.70 करोड हो गई । इस पर उपराष्ट्रपति ने भी कहा था कि मामले की जांच होनी चाहिए ।
विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष राज प्रताप सिंह ने फाल्स सीलिंग गिरने के मामले की लिखित शिकायत अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल व निर्माण निगम से की है ।
अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और निर्माण निगम एमडी से रिपोर्ट मांगी है । और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा है ।
राजकीय निर्माण निगम में घटिया निर्माण का यह कोई पहला मामला नहीं है अभी कुछ समय पूर्व ही लोकभवन मे भी गेट गिरने की घटना हो चुकी है इसके अलावा जब तब होती रहती है । निगम की छवि में लगातार गिरावट हो रही है इसके लिए यही के कुछ जीएम व पीएम जिम्मेदार है ।
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