बहाल होगा हस्तिनापुर का गौरव ,मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय में, किसी दिन हो सकता है इस दिशा में सकारात्मक आदेश और एलान


 

विधानपरिषद सदस्य  यशवंत सिंह ने मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ को  लिखा खत

लखनऊ। हस्तिनापुर का गौरव फिर से बहाल होगा। सुनकर विश्वास नहीं हो रहा है लेकिन लोकभवन और विधानसभा के गलियारों में जो सुगबुगाहट है, उसका सारांश और सत्य यही है। इसे लेकर कहा तो यहाँ तक जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ इस गौरव बहाली का एलान करने के लिए खुद हस्तिनापुर जाएंगे।

याद रहे कि हस्तिनापुर प्राचीन भारत की राजधानी रही है। उस हस्तिनापुर के काल की गीता भारत के न्यायालयों में आज भी सत्य का सौगन्ध लेने के लिए प्रतिदिन प्रयोग की जाती है। उस काल के महायुद्ध महाभारत को भारत का जन जन धर्म न्याय और सत्य के युद्ध के रूप में जानता है। उस हस्तिनापुर की वर्तमान स्थिति काफी दुखद है। वहाँ महाराज शान्तनु के महल की जगह एक टीला बचा है। युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव तथा दानवीर कर्ण के नाम एक एक मंदिर है, वह भी जीर्णशीर्ण अवस्था में। भीष्मपितामह की जन्म गाथा की पहचान माँ गंगा के नाम पर एक पुलिया । अमृत कुआं एक ऐसे कुएं के रूप में जिसमें जल नहीं है।महाराज शान्तनु के महल के अवशेष की हालत देखकर भारत के गौरवकाल से वाकिफ कोई भी संवेदनशील व्यक्ति रो पड़ेगा। यह स्थित तब है जब पण्डित जवाहर लाल नेहरू ने 6 फरवरी 1949 को हस्तिनापुर में खुद आकर घोषणा की कि हस्तिनापुर का पुनर्निर्माण होगा। इसका शिलालेख हस्तिनापुर में रोता दिख रहा है।

 

लोकसभा चुनाव के दौरान विधान परिषद सदस्य श्री यशवंत सिंह ने इसे देखा और वापस आने पर चन्द्रशेखर चूबतरा पर रोज होने वाली पंचायत में कई लोगों को सामूहिक रूप से ललकारा कि भारत के प्राचीनतम काल के गौरव की बदहाली को एक भारतीय के रूप में हम सभी लोगों को संज्ञान में लेना चाहिए।

विधानपरिषद सदस्य श्री यशवंत सिंह के निर्देशानुसार एक टीम 25 दिसम्बर 2019 को हस्तिनापुर गई। 29 दिसम्बर को इस टीम ने श्री यशवंत सिंह को तस्वीरों के साथ वहां की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। 30 दिसम्बर को उन्होंने इसे लेकर मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को खत लिखा।

सूत्रों की माने नए वर्ष में विधान परिषद सदस्य श्री यशवंत सिंह के इस खत को पर लग गए हैं। केवल सत्ता के गलियारों में नहीं, मीडिया के भी गलियारे में इस खत को गम्भीरता से लिया गया है जिसका परिणाम है कि नए वर्ष पर केवल बधाई देने लेने के माहौल में भी हस्तिनापुर का गौरव बहाली का मामला चर्चा में रहा। इसे लेकर पत्रकार भी पता लगाते देखे गए कि कहाँ क्या हो रहा है।

सूत्रों का कहना है कि हस्तिनापुर की गौरव बहाली के लिए दिया गया विधानपरिषद सदस्य का यह खत मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के ओ एस डी एन के एस चौहान के पास है। चूंकि लोकभवन में आम दिनों में मुख्यमंत्री को सम्बोधित एमएलए और एमएलसी का खत ओएसडी आर एन सिंह देखते हैं, इसलिए पत्रकारों को भी अधिकृत रूप से यह पता करने में दिक्कत हो रही है कि हस्तिनापुर के गौरव की बहाली का मामला कहाँ तक बढ़ा है।


Scroll To Top
Translate »