एकता, भाईचारा और स्नेह का प्रतीक है होली का त्यौहार— प्रमुख अभियंता वी.के. सिंह



डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोनिवि में चंदन के टीके के साथ रंगारंग होली मिलन समारोह

लखनऊ ।  इस वर्ष भी उत्तर प्रदेष डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोनिवि उत्तर प्रदेष ने अपना होली मिलन समारोह अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन के बीच मनाया। इस दौरान हर आगंतुक को चंदन और रोली के टीके के साथ स्वागत किया गया। होली मिलन समारोह के विषिष्ठ अतिथि प्रमुख अभियंता विकास एवं विभागाध्यक्ष इं. वी.के. सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि बुराई को भूला देने वाला त्यौहार होली है। होली के पर्व सर्वसमाज को एक करने वाला त्यौहार है। एकता, भाईचारा और स्नेह का प्रतीक है हमारा होली का त्यौहार। उन्होंने कहा कि होली की बड़ी सीख प्रतिद्वंदी नही सहयोगी बनाने वाली है। त्यौहार कोई भी हो वह हमें हमेषा भाई चारे का संदेष देते है। ऐसे में होली का तो कहना ही क्या।

प्रमुख अभियंता आर.सी. बरनवाल प्रमुख अभियंता ग्रामीण सड़क ने कहा कि ‘‘रूद्राक्ष और इंसान बहुमत मुष्किल से मिलते है एक मुखी। फीके कभी न पड़े आपकी जिन्दगी के रंग, आप सदैव मुस्कुराते रहे अपनों के संग। यह त्यौहार तो बड़ी से बड़ी गल्ती माफ कर गले मिला देता है। हमारा प्रयास यही होना चाहिए कि हम हर त्यौहार को इसी सौहार्दपूर्ण तरीके से मनायें। जबकि होली मिलन समारोह की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष इं. हरि किषोर तिवारी ने कहा कि हमें इस बात की ख्ुाषी है कि पिछले कई वर्षो से इस होली मिलन समारोह का संचालन आपके सहयोग से सम्पन्न कराते आ रहे है। वैसे ही हमारे विभाग में सहयोग एवं भाईचारा जग जाहिर है।

 

कार्यक्रम का संचालन कर रहे इं एन.डी. द्विवेदी और इं.रवीन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि भाईचारे का सबसे बेहतर पर्व तो वाकई होली ही है। कार्यक्रम में आमंत्रित पीसीएस संघ के पूर्व अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान संघ के पूर्व महामंत्री इं. एल.एन. सचान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष इं. दिवाकर राय, महामंत्री इं. बी.के. कुषवाहा, मध्यक्षेत्र के अध्यक्ष इं. राजेष वर्मा, क्षे. महामंत्री इं. रामवीर सिंह, पूर्व अध्यक्ष भार्गवेन्दु मिश्रा, सुनील श्रीवास्तव, उ.प्र. डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पूर्व अध्यक्ष विष्णु तिवारी, इं. एस.पीे. मिश्रा, अध्यक्ष इं. एस.के.पाण्डेय, राजकीय निर्माण निगम के महामंत्री इं. एस.डी. द्विवेदी, सेतु निगम डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष इं.श्रीप्रकाष गुप्ता एवं महामंत्री इं. दिवाकर गौतम,आरइडी के प्रान्तीय अध्यक्ष राकेष सचान, विकास प्राधिकरण के अनिल सचान,,इं. अमरनाथ, पूर्व अध्यक्ष इं. कपिल देव द्विवेदी, जनपद अध्यक्ष राजकरन पटेल, रामजी अवस्थी, एस.एस.यादव, पावर कारपोरेषन से जी.बी. पटेल, लघु सिंचाई से इं. सुभाष श्रीवास्तव, और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री षिवबरन सिंह यादव और भूपेष अवस्थी के अलावा कर्मचारी नेता अशोक दुबे, अविनाष श्रीवास्तव, रामफेर पाण्डेय अध्यक्ष, राजकीय वाहन चालक महासंघ, त्रिलोक सिंह प्रदेष अध्यक्ष राजकीय वाहन चालक संघ लोक निर्माण विभाग बी.एस. डोलिया, अमिता त्रिपाठी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राम राज दुबे,धर्मेन्द्र सिंह, के.के.शर्मा संजीव गुप्ता, जे.बी. सिंह (आयकर), वीरेन्द्र तिवारी (बीएसएनएल) के साथ नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ के अध्यक्ष आनंद वर्मा, महामंत्री राम अचल,प्रमुख अभियंता कार्यालय मिनिस्टीरियल एसोसिएषन के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार, सर्किल मिनीस्टिीरियल एसोसिएषन के अध्यक्ष सुनील कुमार यादव और महामंत्री जयप्रकाष तिवारी ने अपनी टीम के साथ तथा कई संगठनों, संघों एवं महासंघों के पदाधिकारियों ने उपस्थित होकर होली मिलन समारोह का आनंद लिया।

होली मिलन समारोह के उपरान्त अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का संचालन करतेे हुए टुण्डला फिरोजाबाद के हास्य कवि लटूरी लट्ट ने अपनी रचना पड़ते हुए कहा कि ‘‘ देष बड़ा गोदाम है,जनता है समान। नेता व्यापारी बना, मूरख बना किसान।। ’’ तालियाॅ बटोरते हुए अगले कवि प्रमोद पंकज, बाराबंकी ने अपनी रचना पढ़ते हुए कहा ‘‘ सच्चा डेरा नाम का काम घिनौना खेल। इसीलिए भगवान ने दिया जेल में पेल।’’

हास्य कवि सम्मेलन में अगले कवि वरूण चतुर्वेदी जयपुर ने अपने रचना में सुनाया कि ‘‘ इस होली पर शान्त देष में सारे दंगे हो जाए। तन, मन, धन से भारत वासी इकदम चंगे हो जाए। जन गन मन में हर जन जन की प्रीति बढ़े, विष्वास बढ़े, जो भी लोग दुरंगे है व लोग तिरंगे हो जाए।’’सीतापुर से पधारी कवियत्री हेमा पाण्डेय ने अपनी रचना में सुनाया कि ‘‘ कहोगे जो कभी हमसे वो सारा काम कर देगें, तुम्हार वास्ते अपनी सुबह और शाम कर देगें। जरूरत ही नही हमकों किसी काषी की, मथुरा की, तुम्हार नेह की गंगा में चारों धाम कर लेगें। ‘‘ इसके अतिरिक्त कावियत्री चेनता षर्मा आगरा ने अपनी रचना पढ़ते हुए कहा कि ‘‘ गर मिल न पाओं मिलने की आस नही देना, सपनों को धरा देना, आकाष नही देना, राधा सा प्यार जीवन में नही दे सकों तो सीता सा जिन्दगी को वनवास नही देना।

हास्य कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए कवि रविन्द्र श्रीवास्तव ने अपनी रचना में पढ़ा कि ‘‘ गर आग है तो यूं जला, फिर आग ही लगें, यूॅ गुनगुना कि जेठ भी फिर फाग ही लगें। देर शाम तक कवि सम्मेलन चलता रहा इसके उपरान्त लकी ड्रा में जूनियर इंजीनियर्स को लाली, लिपिस्टिक और झाडू दी गई । कर्मचारी इंजीनिययर्स संवर्ग इसका पूरा लुफ्त उठाया। इस दौरान संघ के एकता सूत्र टाइम्स विषेषंाक का वितरण किया गया।


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