
लखनऊ, । प्रदेश के अभियंत्रण सेवा में स्वीकृत पदो के सापेक्ष लगभग 1500 डिग्री धारी अभियंताओं के पद रिक्त है। यह बात आज युपीईए के महासचिव इं. सुूरजीत सिंह निरंजन ने दी। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से अभियंत्रण सेवा रिक्त पड़े पदों को शीध्र भरे जाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव इं. सुरजीत सिंह निरंजन ने बताया कि प्रदेश की वर्तमान सरकार के कर्मयोगी मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी की दृढ़ इच्छाशक्ति कि उत्तर प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त व बीमारू प्रदेश से विकसित प्रदेश बनाना है। प्रदेश के विकास हेतु प्रदेश के अभियंत्रण विभागों में संवर्ग का उत्तरदायित्व है, परन्तु अत्यन्त खेःद का विषय है कि वर्तमान में उ.प्र. के अधिकांश अभियंत्रण विभागों में सीधीभर्ती (डिग्रीधारी) सहायक अभियंताओं के अधिकांश पद रिक्त चल रहे हैं जबकि अभियंत्रण विभागों में सहायक अभियंता का पद अत्यन्त ही महत्वपूर्ण व फील्ड कार्यो की प्रगति व गुणवत्ता से पूर्णतः सम्बन्धित है। सीधीभर्ती (डिग्रीधारी) के सहायक अभियंताओं के पदों पर भर्ती उ.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा की जाती है। इस प्रक्रिया में उ.प्र. शासन के सम्बन्धित विभाग द्वारा उ.प्र. लोक सेवा आयोग को रिक्तियाॅ प्रेषित करने के उपरान्त भर्ती प्रक्रिया में कम से कम दो वर्ष का समय लग जाता है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को स्पष्ट निर्देश हैं कि समस्त विभागों में सीधीभर्ती के रिक्त पदों को अतिशीघ्र भरे जाने हेतु चयन की प्रक्रिया पूर्ण की जाए ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार की समस्या हल हो सके और जनता में सरकार के प्रति अच्छा सन्देश जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उ.प्र. लोक निर्माण विभाग में सीधीभर्ती के सहायक अभियंता (डिग्रीधारी) के 612 पदों के विरूद्ध 257 पद रिक्त हैं एवं सहायक अभियंता (डिग्रीधारी) विद्युत/याॅत्रिक के 72 पदों के विरूद्ध 60 पद रिक्त हैं। उ.प्र. सिंचाई विभाग में सीधीभर्ती के सहायक अभियंता (सिविल) के 794 पदों के विरूद्ध 685 पद रिक्त हैं जो कि एक विषम स्थिति है। सिंचाई याॅत्रिक विभाग में सीधीभर्ती के सहायक अभियंता के 275 पदों के विरूद्ध 192 पद रिक्त हैं। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में सीधीभर्ती के सहायक अभियंत(सिविल) के 192 पदों के विरूद्ध 119 पद रिक्त हैं। भूगर्भ जल विभाग में सीधीभर्ती के सहायक अभियंता(सिविल) के 32 पदों के विरूद्ध 25 पद रिक्त हैं। इस प्रकार अन्य विभागों में भी सीधीभर्ती के सहायक अभियंता के पद सामान्यतः 50 प्रतिशत से अधिक रिक्त चल रहे हैं।
सीधीभर्ती के सहायक अभियंताओं की भर्ती प्रक्रिया में 02 वर्ष पूर्व के पद सम्मिलित किये जाने की अपेक्षा की गयी है, क्यों कि चयन प्रक्रिया में 02 वर्ष का समय लग जाता है, परन्तु प्रदेश सरकार के नौकरशाहों एवं उच्च अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रदेश सरकार से उ.प्र. इंजीनियर्स एसोसिएशन मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि प्रदेश के विकास हित में समस्त अभियंत्रण विभागों में सीधीभर्ती के रिक्त पदों को भरे जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही शीघ्र सम्पन्न करायी जाए एवं इसमें अगले दो वर्षो में सेवानिवृत्त होने वाले सीधीभर्ती के सहायक अभियंताओं के रिक्त पदों की गणना की जाये, ताकि सरकार की अपेक्षानुसार गुणवत्तापरक कार्य समयान्तर्गत सम्पन्न कराकर विकास कार्यो में लक्ष्यबद्धता सुनिश्चित हो सकंे।
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