विगत छः वर्षों में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवेश में क्रांतिकारी बदलाव आया—अपर मुख्य सचिव डा0 नवनीत सहगल


तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने की असीमित संभावनाएं

युवा कल्याण विभाग द्वारा यूपी एंजेल नेटवर्क के साथ मिलकर कौशल के आदान-प्रदान हेतु स्टार्टअप एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू किया जायेगा-

लखनऊ | अपर मुख्य सचिव, खेल एवं युवा कल्याण डा0 नवनीत सहगल ने कहा कि विगत छः वर्षों में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवेश में क्रांतिकारी बदलाव आया है। उत्तर प्रदेश में रोजगार एवं स्वरोजगार पैदा करने में छोटे उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में एमएसएमई तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने की असीमित संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि युवा कल्याण विभाग द्वारा पीएचडी चौंबर ऑफ कॉमर्स और यूपी एंजेल नेटवर्क के साथ मिलकर कौशल के आदान-प्रदान के लिए स्टार्टअप एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू किया जायेगा, जिससे प्रदेश के नव युवकों को अपने ज्ञानवर्धन और कौशल विकास में मदद मिलेगी

अपर मुख्य सचिव ने यह विचार आज गोमतीनगर में आयोजित ‘‘उत्तर प्रदेश रिटेल फ्रेंचाइज, एमएसएमई और स्टार्टअप एक्सपो-कॉन्क्लेव-2022 में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को विभिन्न योजनाओं के तहत छूट देकर प्रोत्साहित भी कर रही है। स्टार्ट-अप के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित करके उन्हें रोजगार देने वाला बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विशेष फोकस है। स्टार्ट-अप से युवाओं को जोड़ने से जहां एक ओर बेरोजगारी की समस्या का समाधान हुआ है, वहीं दूसरी ओर पलायन भी रूका है।

डा0 सहगल कहा कि “यूपी सरकार ने वर्ष 2021 में 1000 करोड़ फंड ऑफ फंड्स की स्थापना की है। यूपी में 55 स्वीकृत इनक्यूबेटर हैं। कैपेक्स और ओपेक्स अनुदान के तहत इन्क्यूबेटरों को 2.17 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। इसके अलावा सिडबी यूपी फंड ऑफ फंड्स के तहत स्टार्टअप्स को 3.30 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के युवा न केवल नौकरी मांगने वाले, बल्कि नौकरी देने वाले भी बन रहे है। नेशनल स्टार्टअप इकोसिस्टम में यूपी के लोगों का प्रतिनिधित्व बढ़ता हुआ देखा जा रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें और वृद्धि होगी।


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