यह ‘न्यू इण्डिया’ है, जो ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए आगे बढ़ रहा है—– मुख्यमंत्री


 

मुख्यमंत्री ने ‘23वें राष्ट्रीय युवा उत्सव-2020’ का उद्घाटन किया

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज यहां इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्वामी विवेकानन्द जी की 157वीं जयन्ती के अवसर पर आयोजित ‘23वें राष्ट्रीय युवा उत्सव-2020’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री किरेन रीजीजू भी मौजूद थे। भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में यह युवा उत्सव 12 जनवरी से 16 जनवरी, 2020 तक लखनऊ में आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री  ने कहा कि भारत के महान सपूत और युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानन्द जी की जयन्ती प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनायी जाती है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश स्वामी जी द्वारा समाज तथा राष्ट्र के प्रति किए गए योगदान का स्मरण करते हुए उससे प्रेरणा व प्रकाश प्राप्त कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी तथा केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने राज्य सरकार के लगभग 03 वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश में दूसरी बार युवा उत्सव आयोजित करने का अवसर दिया। उन्होंने इस युवा समारोह में देश के कोने-कोने से आए युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि इन सभी की सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग इस समारोह को सफल बनाने में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि 05 दिन चलने वाले इस आयोजन के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए हुए युवा न केवल एक दूसरे से इण्टरऐक्ट करेंगे, बल्कि एक दूसरे से कुछ न कुछ सीखेंगे भी। अनेकता में एकता हमारे देश की विशेषता है। जाति, मत, पंथ, सम्प्रदाय, वेशभूषा, भाषा, खान-पान, रहन-सहन में अनेकता, एकता में तब बदल जाती है, जब वह प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत मिशन’ से जुड़ती है। देश के युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। उत्तर प्रदेश के लिए यह एक प्रतिष्ठात्मक आयोजन है। राज्य द्वारा वर्ष 2019 में प्रयागराज कुम्भ का सफल आयोजन किया जा चुका हैं, जिसमें लगभग 24.5 करोड़ लोगों ने प्रतिभाग किया। कुम्भ देश व दुनिया को सुव्यवस्था व स्वच्छता का सन्देश देकर गया। आज उत्तर प्रदेश को ‘युवा कुम्भ’ के आयोजन का अवसर प्राप्त हो रहा है, जो देश की युवा ऊर्जा का प्रतीक बन युवाओं की प्रेरणा का केन्द्रबिन्दु बनेगा। उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जा रहा यह युवा उत्सव देश के 65 करोड़ युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी का मानना था कि जब कोई मनुष्य अपने पूर्वजों के बारे में लज्जित होने लगे तो समझा जाना चाहिए कि उसका अन्त आ गया है, अर्थात जब वह अपने अतीत के गौरवशाली क्षणों पर गर्व करने के बजाय लज्जा महसूस करने लगे, तो यह समझना चाहिए कि वह भविष्य को स्वयं कुंद कर रहा है। अतीत से कटा व्यक्ति भविष्य का त्रिशंकु होता है। उसका कोई लक्ष्य नहीं होता है। उन्होंने युवाओं का आहवान करते हुए कहा कि हमें एक निश्चित लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में निरन्तर कार्य करने की प्रवृत्ति को अपनाना होगा।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि यह ‘न्यू इण्डिया’ है, जो ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए आगे बढ़ रहा है। नए भारत के युग निर्माता के रूप में सभी युवाओं को अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभानी होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नए भारत की ताकत को पहचानना होगा और इसके निर्माण के लिए प्रधानमंत्री जी के संकल्प के साथ सबकों जुड़ना होगा। ‘युवा’ परिस्थिति का नहीं एक मनःस्थिति का नाम है, जो लाभ हानि नहीं देखती, जो सत्य और न्याय की लड़ायी में मजबूती के साथ खड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा इतिहास रचने की क्षमता रखती है। स्वामी विवेकानन्द जी ने जब वर्ष 1893 में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के शिकागो में आयोजित धर्म संसद में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए भारत के ज्ञान-विज्ञान का रहस्योद्घाटन किया था, उस समय उनकी उम्र मात्र 30 वर्ष थी।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री किरेन रीजीजू ने कहा कि लखनऊ मंे आयोजित 23वां राष्ट्रीय युवा उत्सव अब तक का सबसे बड़ा और भव्य उत्सव है। उन्होंने कहा कि युवाओं का यह सम्मेलन अत्यन्त ऊर्जादायी है। उत्तर प्रदेश की संस्कृति अत्यन्त समृद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्सव के आयोजन के 05 दिनों में भारत के कोने-कोने से आए युवाओं के माध्यम से विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों की झलक देखने को मिलेगी। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की झलक भी देखने को मिलेगी।
इससे पूर्व 23वें राष्ट्रीय युवा उत्सव 2020 का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानन्द जी की मूर्ति का अनावरण भी किया गया। तत्पश्चात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का सन्देश भी प्रसारित किया गया। अपने सन्देश में प्रधानमंत्री जी ने सभी युवाओं को राष्ट्रीय युवा उत्सव की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज स्वामी विवेकानन्द जी की जयन्ती है। आज का दिन संकल्प लेने का दिन है। देश को आज ही के दिन एक ऐसी ऊर्जा मिल थी, जो आज भी हमें ऊर्जावान बनाए हुए है। विवेकानन्द जी का कहना था कि सारी शक्ति आपके अन्दर निहित है। आपको स्वयं पर विश्वास करना चाहिए। उनका सन्देश आज भी प्रासंगिक है। भारत आज विश्व के शीर्ष तीन स्टार्टअप ईको सिस्टम में से एक है। देश की प्रगति में युवाओं की सहभागिता और शक्ति का सदुपयोग आवश्यक है। युवाओं की सृजनात्मकता के कारण आज देश मंे 26 हजार नए स्टार्टअप खुले हैं। यह गर्व की बात है। आज देश के युवा टेक्नोलाॅजी का इस्तेमाल कर समस्याओं का साॅल्यूशन दे रहे हैं। नए वेंचर्स स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने युवा शक्ति को राष्ट्रशक्ति बनाने का आहवान किया।
इससे पूर्व प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री श्री उपेन्द्र तिवारी ने अतिथियों और युवा उत्सव में भाग लेने आए युवाओं का स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल सचिव श्री राधेश्याम जुलानिया ने किया।
इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सतीश द्विवेदी, अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्री मोहसिन रजा, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव युवा कल्याण श्रीमती डिम्पल वर्मा सहित केन्द्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इससे पूर्व युवा उत्सव के उद्घाटन के उपरान्त सुप्रसिद्ध लोकगायिका श्रीमती मालनी अवस्थी द्वारा गायन तथा उत्तर प्रदेश की संस्कृति तथा नृत्यों पर आधारित प्रस्तुति की गई।

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