
मुख्य सचिव द्वारा जनहितकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा,
वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से दिये गये निर्देश
लखनऊ | प्रदेश के मुख्य सचिव डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय ने मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों सहित मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये हैं कि जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य को निर्धारित अवधि में पूर्ण कराने हेतु फर्जी रिपोर्टिंग कर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास कतई न करें। उन्होंने कहा कि लक्षित लक्ष्य को निर्धारित अवधि एवं गुणवत्तायुक्त पूर्ण कराने हेतु कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाये। उन्होंने कहा कि मण्डल एवं जनपद स्तर पर टास्क फोर्स गठित कर भौतिक सत्यापन के उपरान्त ही योजनाओं की प्रगति की जानकारी उच्चाधिकारियों को उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने जनपद हरदोई के जिला पंचायतीराज अधिकारी द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने हेतु दी गयी फर्जी रिपोर्टिंग पर स्पष्टीकरण प्राप्त कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आगामी 15 सितम्बर से 02 अक्टूबर के मध्य आयोजित ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा का आयोजन व्यापक स्तर पर कराकर आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने अमृत योजना के अन्तर्गत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाकर लक्षित लक्ष्य को पूर्ण कराने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव आज योजना भवन में वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजनान्तर्गत समस्त पात्र लाभार्थियों के डी0पी0आर0 बनवाकर भारत सरकार को स्वीकृत करने हेतु यथाशीघ्र भेजा जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने योजनान्तर्गत स्वीकृत लाभार्थियों की प्रथम किस्त का भुगतान समय से न करने वाले सम्बन्धित जनपद के अधिकारियों को सचेत करते हुये निर्देश दिये कि स्वीकृत धनराशि का भुगतान सम्बन्धित जनपद के अधिकारी यथाशीघ्र कराना सुनिश्चित करायें।
डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने हेतु जनपद/मण्डल स्तरीय कंपनियों व उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ निरन्तर संपर्क/बैठक आयोजित कर योजना के सफल आयोजन हेतु उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि सहयोग करने वाली कंपनियों/उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ मासिक बैठकें आयोजित कराकर कार्यक्रम की प्रगति एवं उनके द्वारा किये गये सहयोग के माध्यम से की गयी प्रगति से अवगत कराया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि समाजसेवी/उद्यमियों की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण अथवा अन्य सम्बन्धित गतिविधियां भी आयोजित करायी जायें।
मुख्य सचिव ने आयुष्मान योजना के अन्तर्गत इम्पैनल हेतु आवेदन किये गये निजी अस्पतालों के मानकों का दिये गये निर्देशों के अनुसार निरीक्षण कराकर इम्पैनल कराने की कार्यवाही प्राथमिकता पर कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजनान्तर्गत प्रदेश के गरीब नागरिकों को पांच लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा उन्हें सुगमता से उपलब्ध कराने में सहयोग करने हेतु नियुक्त किये जाने वाले आयुष्मान मित्रों के चयन की कार्यवाही पारदर्शिता के साथ यथाशीघ्र सुनिश्चित करायी जाये।
वीडियो कान्फ्रेन्सिंग में अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज श्री आर0के0तिवारी, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री प्रशांत त्रिवेदी, प्रमुख सचिव नगर विकास श्री मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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