नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज विधानसभा में कहा कि पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर की फर्जी डिग्री के मामले में उन्हें धोखे में रखा गया। विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन में तोमर की कानून की डिग्री को लेकर हुए हंगामे के बीच मुयमंत्री ने अपने बयान में कहा कि यह मामला कुछ माह पहले सामने आने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था। तोमर ने इस संबंध में जो लिखित जवाब सौंपा था उसे देखकर प्रथम ²ष्टया उन्हें प्रतीत हुआ कि पूर्व कानून मंत्री ने कुछ गलत नहीं किया है। उन्होंने जो कागजात सौंपे थे पहली नजर में उन पर कुछ गड़बड़ी नजर नहीं आ रही थी। केजरीवाल ने कहा कि पुलिस ने इस संबंध में जब प्राथमिकी दर्ज कर तोमर को हिरासत में लिया तो तुरन्त उनका इस्तीफा लेकर उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ईमानदार राजनीति करने के लिए आये हैं और किसी भी गलत काम को बर्दाश्त नहीं करेंगे। भ्रष्टाचार से किसी प्रकार का भी समझौता नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि तोमर के मामले में पुलिस जांच कर रही है और जो बातें सामने आ रही हैं अगर वे सच है तो निश्चित ही उन्हें धोखे में रखा गया। यह मामला अब न्यायालय के विचाराधीन है और अदालत का फैसला सभी को मान्य होगा। इसके साथ ही केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह दी कि वे उनकी तरह धोखे में न रहे और ललित मोदी प्रकरण में विदेश मंत्री तथा राजस्थान की मुख्यमंत्री को हटाकर निष्पक्ष जांच कराएं।
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