
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। मृत्युंजय कुमार को एक अहम जिम्मेदारी देते हुए मुख्यमंत्री के सचिव पद पर नई तैनाती दी गई है। वहीं, अवैध खनन के मामलों में गुरदीप सिंह सचिव खनन के पद से मुक्त कर दिए गए हैं।
यूपीएसआईडीसी से अमित घोष को भी हटा दिया गया है। इसके साथ ही मायावती और अखिलेश के सबसे खास रहे रमारमण को भी हटा दिया गया है। लम्बे समय से यूपी में प्रशासनिक फेरबदल के कयास लगाये जा रहे थे और मुख्यमंत्री सचिवालय में भी अफसरों की तैनाती न होना चर्चा का विषय बना था मगर जब योगी ने मृत्युंजय नारायण को अपना सचिव नियुक्त किया तो यह बात एक बार फिर साफ़ हो गयी कि सीएम योगी के कार्यकाल में आफ सुथरी छवि वाले इमानदार और कर्मठ अधिकारीयों की ही पूछ होगी. मृतुन्जय नारायण की छवि प्रशासनिक हलकों में बेहद ईमानदार और “संत” की है. आगरा से ले कर गाज़ियाबाद तक की जिलों में अपनी तैनाती के दौरान भी कभी मृत्युंजय नारायण पर कोई दाग नहीं लगा. मृत्यंजय नारायण को सचिव मुख्यमंत्री के अलावा आबकारी, राज्य संपत्ति और नागरिक उड्डयन के साथ संस्कृति विभाग का भी कार्यभार भी दिया गया है.
बुधवार को यूपी की ब्यूरोक्रेसी में सीएम योगी ने 20 आईएएस अफसरों को तबादला कर दिया। वरिष्ठ आईएएस अफसर अवनीश अवस्थी सीएम के प्रमुख सचिव रहेंगे और फिलहाल नवनीत सहगल के सभी चार्ज रखेंगे। राजस्व परिषद के सदस्य राज प्रताप सिंह को अपर मुख्य सचिव का कार्यभार सौंपा गया है। अनीता मेश्राम को सचिव, बाल एवं विकास पुष्टाहार विभाग की जिम्मेदारी मिली है। मुकेश कुमार मेश्राम को आयुक्त वाणिज्य कर, भुवनेश कुमार सचिव व्यवसायिक शिक्षा के साथ सचिव प्राविधिक शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार, रणवीर प्रसाद को यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक, आमोद कुमार और पन्धारी यादव को सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, अमित मोहन प्रसाद को वर्तमान पद के साथ नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इसके साथ ही अखिलेश सरकार के करीबी माने जाने वाले अफसरों को या तो प्रतीक्षारत कर दिया गया है या फिर लखनऊ से दूर कर इलाहबाद में राजस्व परिषद् भेज दिया गया है. पर्तिक्षारत किये गए अफसरों में नवनीत कुमार सहगल, रमा रमण, गुरदीप सिंह, डिंपल वर्मा, अमित कुमार घोष, अनीता सिंह, डॉ. हरिओम, दीपक अग्रवाल, और विजय कुमार यादव शामिल हैं.


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