उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण हेतु ‘इन्वेस्ट यूपी’ में हुई त्रिपक्षीय बैठक


केस-टू-केस आधार पर निराकरण हेतु आई.आई.ए. एवं संबंधित विभागों के साथ त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई

लखनऊ| राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में बेहतर औद्योगिक माहौल बनाने के लिए उठाये गए विभिन्न महत्वपूर्ण कदमों की कड़ी में ‘इन्वेस्ट यूपी’ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी व सचिव- अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, श्री अभिषेक प्रकाश की अध्यक्षता में उद्यमियों की लम्बित समस्याओं के केस-टू-केस आधार पर निराकरण हेतु आज इण्डियन इण्डस्ट्रीज़ एसोसिएशन (आई.आई.ए.) एवं संबंधित विभागों के साथ त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई।ज्ञात हो कि कोविड महामारी एवं अन्य परिस्थितियोंवश इस प्रकार की त्रिपक्षीय बैठक कई वर्षों बाद आयोजित की गई है।

आई.आई.ए. द्वारा अवगत कराने पर कि नई एवं पायनियर औद्योगिक इकाइयों को समय से इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी मंे छूट नहीं मिल पाती है, यह निर्देश दिया गया कि विद्युत सुरक्षा निदेशालय आई.आई.ए. से ऐसे मामलों का विवरण प्राप्त करके यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करे। इस संबंध में संयुक्त निदेशक, विद्युत सुरक्षा-श्री वी. पी. श्रीवास्तव ने सूचित किया कि इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी के बकाया भुगतान के समस्त मामलों को निस्तारित कर दिया गया है, अपितु शेष मामले, यदि हैं, तो विवरण प्राप्त कर शीघ्र निस्तारित किया जाएगा।मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि., वाराणसी को निर्देशित किया कि डिस्कॉम में लघु उद्यमियों द्वारा किए गए माल की आपूर्ति के लंबित भुगतान के विषय में 15 दिनों के भीतर कार्यवाही करके इन्वेस्ट यूपी को सूचित किया जाए।

 मेरठ मण्डल में लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों से खरीदे गए माल के विलंबित भुगतान के मामलों का मण्डलीय फैसिलिटेशन काउंसिल में निस्तारण नहीं होने के संबंध में अपर आयुक्त उद्योग, सुश्री चैत्रा वी ने सूचित किया कि इस प्रकार के 30 प्रकरणों पर मण्डलीय फैसिलिटेशन काउंसिल में सुनवाई करके निस्तारित किया गया है। निर्देशित किया गया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अधिनियम-2006 के प्राविधानों के अधीन यथोचित निस्तारण हेतु आई.आई.ए. द्वारा अन्य प्रकरणों का विवरण यथाशीघ्र प्रदान किया जाए।इसी प्रकार मेसर्स एक्सल प्लास्टिक, लखनऊ द्वारा जल निगम को सप्लाई किए गए माल के लंबित भुगतान के मामले को निस्तारित करने हेतु कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।श्री अभिषेक प्रकाश ने कहा- ”प्रदेश में अच्छे औद्योगिक माहैल के सृजन के लिए उद्यमियों एवं उद्योगों से संवाद एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। राज्य सरकार उद्योगों की स्थापना अथवा संचालन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के प्रति कटिबद्ध है।

त्रिपक्षीय बैठके इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा हैं।“ इससे पूर्व आई.आई.ए. के राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री अशोक अग्रवाल द्वारा उद्योगों एवं उद्यमों से संबंधित विभिन्न बिन्दुओं पर प्रकाश डाला गया।त्रिपक्षीय बैठक में उक्त चार मामलों सहित अन्य बिन्दुओं पर भी विचार किया गया, जिसमें से अधिकतर प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। ये मामले विद्युत सुरक्षा निदेशालय, उ.प्र. पावर कॉर्पोरेशन, उ.प्र. जल निगम, मेरठ मण्डल से संबंधित थे।इसमें प्रमुख रूप से इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी में छूट के बकाया भुगतान तथा एमएसएमई औद्योगिक इकाइयों से सरकारी विभागों द्वारा की गई खरीद के भुगतान से सम्बन्धित प्रकरणों को हल करने के लिए विचार-विमर्श किया गया।

 बैठक में इण्डियन इण्डस्ट्रीज़ एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष-श्री अशोक अग्रवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष-श्री चेतन देव भल्ला, मेरठ मण्डल की अपर आयुक्त उद्योग-सुश्री चैत्रा वी., उ.प्र. पावर कॉरपोरेशन के अधिशासी अभियंता-श्री रविकान्त पाण्डेय, संयुक्त निदेशक, विद्युत सुरक्षा-श्री विजय प्रकाश श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, जल निगम-श्री मनोज कुमार सिंह सहित उद्यमियों द्वारा भाग लिया गया।


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