IS के खिलाफ जमीनी फौज उतारने से पीछे हटा यूएस, फ्रेंच राष्ट्रपति ने कहा-जंग शुरू


dcaf519feabc4cd7af12dfd10बेलेक (टर्की): पेरिस में आतंकी संगठन आईएसआईएस के बड़े हमले के बावजूद अमेरिकी प्रेसिडेंट बराक ओबामा आतंकियों के खिलाफ जमीनी फौज न उतारने की रणनीति पर कायम हैं। ओबामा ने अमेरिकी सरकार के इस रुख का सोमवार को एक बार फिर बचाव किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की अगुआई में आईएस के ठिकानों पर हो रहे हवाई हमले कारगर साबित हो रहे हैं। ऐसे में सीरिया की जमीन पर जमीनी फौज उतारना एक गलती होगी। उधर, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने सीरिया मामले पर इंटरनेशनल कम्युनिटी से आपसी सहयोग बढ़ाने की अपील की है। ओलांद के मुताबिक, पेरिस हमले के जवाब में फ्रांस ने आईएस को तबाह करने की कसम खाई है। अोबामा ने कहा, ”फ्रांस जंग शुरू कर चुका है।”
बता दें कि आईएसआईएस ने हाल ही में पेरिस में एक साथ कई जगह हमला करके 129 लोगों को मार डाला। इसके बाद, फ्रांस ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर दिए। उधर, पेरिस हमले की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड की भी पहचान हो गई है।
ओबामा को क्यों देनी पड़ी सफाई?
>पेरिस हमले के बाद अमेरिका निशाने पर है। उस पर आरोप लग रहे हैं कि वह आईएसआईएस से निपटने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा। तुर्की में चल रही जी20 समिट के दौरान भी ओबामा को इंटरनेशनल जर्नलिस्ट्स के कड़े सवालों का जवाब देना पड़ा। आलोचना करने वालों में विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के अलावा फ्रांस भी है, जिसका मानना है कि आईएस से लड़ने में यूएस मिलिट्री को और ज्यादा अग्रेसिव अप्रोच अपनानी चाहिए।
>आलोचनाओं के बावजूद ओबामा आईएसआईएस के खिलाफ जमीनी कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। माना जा रहा है कि 2003 में इराक में जमीनी सेना उतारने के बाद आई दिक्कतों के मद्देनजर ओबामा अब मिडल ईस्ट के देशों में जारी संघर्ष में अपनी जमीनी सेना को नहीं झोंकना चाहते। इराक में काफी अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।
>कुछ क्रिटिक्स मानते हैं कि अमेरिका सीरिया में बशर सरकार के खिलाफ लड़ रहे विद्रोहियों को लगातार मदद करता रहा है। इस वजह से भी वो इस लड़ाई का सीधा भागीदार नहीं बनकर सिलेक्टिव अप्रोच अपना रहा है। क्रिटिक्स का यह भी आरोप है कि अमेरिका के लचर रवैए की वजह से ही गृहयुद्ध झेल रहे सीरिया में आईएसआईएस को सिर उठाने का मौका मिला।

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