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यूपीसीडा बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय ,

लखनऊ | अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन की अध्यक्षता में यूपीसीडा बोर्ड की बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में निदेशक मण्डल के सदस्य, यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर महेश्वरी , अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा यूपीसीडा के अधिकारीगण भी शामिल हुए।बैठक में बोर्ड द्वारा उद्यमियों और निवेशकों के हित में कई बिन्दुओं और विषयों पर वार्ता की गई तथा कोरोना महामारी की विषम स्थिति में उद्यमियों और निवेशकों को ऐसी सुविधायें देने के प्रयासों को और अधिक बढ़ाने पर विचार किया गया जिससे उद्यमियों को अपना व्यवसाय संचालित करने में सुविधा मिले। साथ ही साथ प्राधिकरण द्वारा अपनी धनराशियों के संतुलित नियोजन के लिए प्रस्तावित नीति को विचारार्थ प्रस्तुत किया गया है।
बैठक में ग्रीन एनेर्जी कारिडोर के निर्माण पर बल देते में यूपीसीडा में कई नई पहलों जैसे उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन मैन्यूफैक्चरिंग नीति-2019 के अन्तर्गत भविष्य में चार्जिगं स्टेशनों की सुविधा विकसित करने हेतु सार्वजनिक स्थानों पर चार्जिग के लिए बुनियादी ढाँचें के निर्माण, शासन द्वारा प्रचालित सोलर पावर पार्को की स्थापना के लिए रिक्त भूमि तथा सीईटीपी/एसटीपी/डब्लूडब्लूटीपी के कैम्पस पर सोलर पावर पार्क की स्थापना हेतु यूपीनेडा के सहयोग से निजी संस्था के चयन, वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) की आवश्यकता तथा औद्योगिक क्षेत्रो में इसके प्रभावी ढंग से स्थापना तथा यूपीसीडा के औद्योगिक क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट को ’’स्मार्ट लाइटनिंग कॉन्सेप्ट’’ पर आधारित स्म्क् से प्रतिस्थापित करने हेतु वार्ता की गयी।
बैठक के दौरान औद्योगिक भूमि पर वेयरहाउसिंग तथा लौजिस्टिक इकाईयों और पार्क अनुमन्य गतिविधियों तथा उद्योग का दर्जा दिये जाने हेतु विनियमनों के सम्बन्धित प्रावधानों पर चर्चा की गयी जिससे प्रदेश में वेयरहाउसिंग तथा लौजिस्टिक इकाईयों को आकर्षित करते हुए उन्हें बेहतर सुविधाएं दी जा सकें।
मेगा, मेगा प्लस एवं सुपर मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए भूमि आवंटन हेतु भूखण्ड-सृजन के सरलीकरण एवं रेस्टोरेंट, पेट्रोल पम्प एवं गैस गोदाम जैसी उपयोगी सेवाओं के व्यवसायिक भू-उपयोग हेतु निर्धारित एफएआर एवं सेटबैक इत्यादि को आसान बनाने के सम्बन्ध में चर्चा की गयी।
औद्योगिक क्षेत्रों में नालियों की टूट-फूट की मरम्मत, मार्गों के गड्ढ़े भरने, जलापूर्ति तथा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था तथा रखरखाव के कार्यों में विलम्ब के कारण उद्यमियों को आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ताओं को निश्चित सीमा तक प्रतिवर्ष आकस्मिक व्यय करने की अधिक शक्ति प्रदान किए जाने पर विचार किया गया तथा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में अवस्थपना सुविधाओं के विकास एवं उच्चीकरण के स्तर को बेहतर बनाने हेतु पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के आधार पर कार्य कराये जाने तथा औद्योगिक क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माण/अतिक्रमण पर ठोस कार्यवाही की आवश्यकता से भी अवगत कराते हुए प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ती पर पुलिस बल पदस्त किये जाने का भी प्रस्ताव रखा गया।
आवंटियों को भवन मानचित्रों का अनुमोदन कराने में आ रही कठिनाईयों के दृष्टिगत यूपीसीडा द्वारा विकसित भूखण्डों के भवन मानचित्रों के लिए आटो डी.सी.आर. अथवा समतुल्य साफ्टवेयर को विकसित कराने सम्बन्धी प्रस्ताव सहित मोबाइल टावरों की बढ़ती आवश्यक्ता के दृष्टिगत औद्योगिक क्षेत्रों में उन की स्थापना के लिए आवश्यक प्राविधानां पर भी चर्चा की गयी।
प्राधिकरण के विभिन्न अनुभागों की कार्य प्रणालियों को सुगम बनाने के उद्देश्य से अपडेटेड साफ्टवेयर के विकास हेतु भी प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया तथा यह भी संज्ञानित किया गया कि नये साफ्टवेयर के विकास के उपरान्त प्राधिकरण में कार्यनिष्पादन की समयावधि में कमी तथा व्यय में बचत होने के साथ-साथ आवंटियों को भी समय से सुविधाएं प्रदान करने में सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त बोर्ड द्वारा कुछ आवंटियों के भूखण्डों से सम्बन्धित समस्याओं पर भी विचार करते हुए आवश्यक निर्देश पारित किये गये।
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