नई दिल्ली। यूपीएससी की परीक्षा से सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट) हटाए जाने की मांग को लेकर शनिवार को एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
ये कार्यकर्ता सिविल सेवा के उन अभ्यर्थियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारे भी लगा रहे थे जिन्होंने बुधवार शाम उत्तर दिल्ली के नेहरू विहार इलाके में प्रदर्शन किया था।
एनएसयूआई के महासचिव मोहित शर्मा की अगुवाई में प्रदर्शनकारी सुबह 9 बजकर करीब 30 मिनट पर मंत्री के आवास के बाहर एकत्र हुए और यूपीएससी तथा भाजपा नीत केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमरीश रंजन पांडेय ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए और कई को हिरासत में ले लिया गया।
उन्होंने बताया कि हम छात्रों को तत्काल रिहा करने और उनके खिलाफ बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हैं। पांडेय ने कहा कि एनएसयूआई बेकसूर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किए जाने की निंदा करता है।
उन्होंने कहा कि छात्र 25 दिन से अधिक समय से विरोध जता रहे हैं लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है। छात्रों के कल्याण के लिए यूपीएससी को सी.सैट तत्काल खत्म करना चाहिए। जैसे ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र होना शुरू हुए, पुलिस ने केंद्रीय मंत्री के आवास के बाहर अवरोधक लगा दिए।
पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया और उन्हें संसद मार्ग पुलिस थाना ले जाया गया।
छात्र मांग कर रहे हैं कि सी-सैट का पैटर्न बदला जाए ताकि ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्रों को समान अवसर मिल सके। प्रारंभिक परीक्षा में 200 अंकों के 2 अनिवार्य पेपर होते हैं जिन्हें सी-सैट एक और सी-सैट दो कहा जाता है।
छात्र योग्यता के स्तर और परीक्षा में अंग्रेजी भाषा में प्रश्न पूछे जाने को लेकर यह कहते हुए आपत्ति जता रहे हैं कि प्रश्नों का स्तर परीक्षा के लिए निर्धारित मानक से कहीं ऊपर होता है।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपएससी) सिविल सेवा परीक्षा का संचालन तीन चरणों- प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार में करता है। इस परीक्षा के जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है।
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