‘कन्या रक्षा-धर्म रक्षा’ संगोष्ठी , देश बचाना है तो बेटी बचाओः अपर्णा यादव


indexलखनऊ। ‘‘देश बचाना है तो बेटी बचाना जरूरी है। कन्या को यदि देवी स्वरूपा मानते हैं तो उसको उसी रूप में देखा भी जाना चाहिए। कन्याओं के प्रति हमारा व्यवहार ठीक नहीं है।’’
ये विचार वरिष्ठ समाजसेविका अपर्णा यादव ने आज देव्या चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा मनकामेश्वर मन्दिर में आयोजित ‘कन्या रक्षा-धर्म रक्षा’ विषयक संगोष्ठी में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि जब बाजार में लड़की छेड़ी जाती है तो वह घर आकर यह बात अपने अभिभावकों से इसलिए नहीं कह पाती कि लोग उसे ही दोषी मानेंगे। यह धारणा बदलनी होगी तथा सरकारों द्वारा नारी हितों को लेकर बनाये गये कानूनों का अधिकाधिक प्रचार भी करना होगा। उन्होंने प्रकृति को भी नारी स्वरुपा मानते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु अधिकाधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए पूज्य श्री महन्त देव्या गिरि जी महाराज ने कहा कि नारी समाज व राष्ट्र का निर्माण करती है। नारी को अपनी शक्ति का बोध नहीं है। कन्याओं के प्रति भेदभाव कर नारी स्वयं ही अपने पैर में कुल्हाड़ी मार रही है। कन्याओं की रक्षा आज का युग-धर्म है।
लखनऊ बंगीय महिला समाज की श्रीमती रत्ना बापूली ने कहा कि बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए आधी आबादी को खुद ही आगे आना होगा।
संगोष्ठी के दौरान सामाजिक क्षेत्र में सराहनीय योगदान करने वाली श्रीमती अपर्णा यादव, निर्धन बेटियों को निःशुल्क शिक्षा देने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य करने वाली नबीला अहमद तथा आकाशवाणी की उद्घोषिका श्रीमती अपराजिता मेहरा को अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह तथा तुलसी का पौधा भेंटकर सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी को डाॅ. सुधा बाजपेयी, सत्या सिंह, डाॅ. साबरा हबीब आदि ने श्री सम्बोधित किया। कार्यक्रम में शिक्षाविद पुष्पलता अग्रवाल, नन्दिनी दासी, रोमा हेमवानी, शालिनी गुप्ता, निशा तिवारी, लक्ष्मी रस्तोगी, मधु वर्मा, श्रृंखला अग्रहरि सहित भारी संख्या में महिलायें सम्मिलित रहीं।

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