लखनऊ. उत्तर प्रदेश में वेब मीडिया से जुड़े हजारों पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष दिव्य नौटियाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा है।
प्रदेश में वर्तमान में हजारों पत्रकार वेब मीडिया से जीवनयापन कर रहे हैं। लेकिन शासन स्तर पर नियम न होने के कारण वेब मीडिया के पत्रकार साथियों को प्रदेश मान्यता प्राप्त पत्रकारों की भांति न तो मान्यता की सुविधा उपलब्ध है। और न ही उन्हें कोई अन्य सुविधा ही मिल पाती है। वहीं शासन स्तर पर वेब मीडिया के लिये कोई नीति या नियमावली ने होने के कारण उनके समक्ष पहचान का संकट भी है।दिव्य नौटियाल ने पत्र में लिखा है कि, राष्ट्रीय स्तर पर पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी, भारत सरकार) के अलावा मध्य प्रदेश, बिहार, झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश की राज्य सरकारों ने वेब मीडिया के पत्रकारों को प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधियों की भांति ‘प्रेस मान्यता’ की सुविधा राज्य मुख्यालय एवं मण्डल/जिला स्तर पर प्रदान की है। अफसोस की बात है कि देश के प्रमुख हिन्दीभाषी राज्य उत्तर प्रदेश में वेब मीडिया (न्यूज वेबसाइट व वेबपोर्टल) के प्रतिनिधियों के विभिन्न संगठनों की मांगों की लगातार अपेक्षा की जा रही है। वेब मीडिया के पत्रकार अपने स्तर पर कई प्रयास करके थक चुके हैं। शासन स्तर पर उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है।
दिव्य नौटियाल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मांग की है कि, प्रदेश में वेब मीडिया (न्यूज वेबसाइट व वेबपोर्टल) का पंजीकरण प्रिंट मीडिया की भांति प्रदेश स्तर पर कराने की व्यवस्था हो, जिससे वेब मीडिया के प्रतिनिधियों को उचित पहचान एवं सम्मान मिल सके। वेब मीडिया (न्यूज वेबसाइट व वेबपोर्टल) के पत्रकारों को प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों की भांति राज्य मुख्यालय एवं मण्डल/जिला स्तर पर मान्यता प्रदान की जाए। प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया की भांति वेब मीडिया (न्यूज वेबसाइट व वेबपोर्टल) को भी सरकारी विज्ञापन प्रदान किये जाएं।
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