WhatsApp यूजर्स के लिए खुशखबरी, अब मैसेजिंग सर्विस पर नहीं होगा पहरा


 

2015_9image_10_32_5597405921434972071_whatsapp-que-llनई दिल्ली: वॉट्सऐप यूजर्स के लिए राहत की खबर है। अब वॉट्सऐप , फेसबुक और स्नैपचैट जैसे दूसरे सोशल मीडिया पर सरकार पहरा नहीं देगी।

दरअसल, इससे पहले खबर आ रही थी कि सरकार वॉट्सऐप, स्नैपचैट और गूगल हैंगआउट्स जैसे इंटरनेट बेस्ड कम्युनिकेशन सिस्टम से इन्क्रिप्टेड मैसेज डिलीट करने को जल्द ही गैरकानूनी बनाना चाहती थी। लेकिन नई ड्राफ्ट पॉलिसी पर सोमवार शाम जैसे ही विवाद हुआ, सरकार इससे पीछे हट गई।

डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (DEITY) ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि एनक्र‍िप्शन पॉलिसी में कई ऐसी कैटे‍गिरी हैं, जिन्हें इस नीति से छूट मिलेगी। जबकि इससे पहले विभाग ने कहा था कि एनक्रि‍प्टेड मैसेजिंग सर्विस के तहत भेजे जाने वाले सभी मैसेज को 90 दिनों तक सुरक्षि‍त रखना अनिवार्य होगा।

यानी व्हाट्सअप एंड्रॉयड वर्जन सपोट्र्स, गूगल हैंगआउट और एप्पल आईमैसेज जैसी सर्विस का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स किसी भी सूरत में 90 दिनों से पहले अपनी चैट हिस्ट्री को डिलीट नहीं कर पाएंगे।

एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, DEITY ने अपनी वेबसाइट पर नीति के लिए प्रस्तावित परिशिष्ट में लिखा है कि लोगों द्वार बड़ी संख्या में इस्तेमाल किए जाने वाले व्हाट्सअप, फेसबुक , ट्विटर जैसे वेब एप्लि‍केशंस, सोशल मीडिया साइट्स और सोशल मीडिया एप्लि‍केशंस एनक्रि‍प्टेड प्रोडक्ट को नेशनल एनक्रिप्शन पॉलिसी के मसौदे के दायरे से छूट मिलेगी।

इसके साथ ही इंटरनेट बैंकिंग, पेमेंट गेटवे और अन्य दूसरे ई-कॉमर्स व पासवर्ड आधारित लेन-देन को भी मसौदे के दायरे से अलग रखा जाएगा। गौरतलब है कि देश में पिछले साल तक 7 करोड़ से ज्यादा व्हाट्सएप यूजर थे। यह पॉलिसी केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने तैयार की है। फिलहाल, 16 अक्टूबर तक आम लोगों से इस पर सुझाव मांगे गए हैं।


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