नई दिल्ली। पेड़ के ऊपर चढ़ा आदमी ऊंचा दिखाई देता है। जड़ में खड़ा आदमी नीचा दिखाई देता है। आदमी न ऊंचा होता है, न नीचा होता है, न बड़ा होता है, न छोटा होता है। आदमी सिर्फ आदमी होता है। विश्व हिंदी दिवस के मौके पर रूस की एक लड़की ने जब हिंदी में संवाद करते हुए देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की चर्चित कविता ‘पहचान’ सुनाई तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।
विश्व हिंदी दिवस के मौके पर रूस की रूस की एवगेनिया ने पहचान सुनाकर भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का दिल जीत लिया। पिछले पांच माह से हिंदी बोलना सीख रही एवगेनिया ने धाराप्रवाह हिंदी में अटल बिहारी वाजपेयी की ‘पहचान कविता’ की पंक्तियां सुनाई। मानों हिन्दी की लहर चल पड़ी हो। हिन्दी प्रशंसकों ने एवगेनिया की खूब सराहना की।
एवगेनिया ने बताया कि उन्हें इस कविता को पढ़ने का सुझाव केंद्रीय हिंदी संस्थान की अध्यापिका ने दिया था और इसकी प्रेरणा उन्हें श्री श्री रविशंकर से मिली। एवगेनिया आध्यात्मिक गुरू रवि शंकर की शिष्या है और 2010 में आर्ट ऑफ लिविंग से उनका परिचय हुआ। अब वे रूस में आर्ट ऑफ लिविंग की अध्यापिका हैं। उच्चारण शैली और स्वर एकदम दुरुस्त होने के कारण एवगेनिया ने सुषमा को प्रभावित कर दिया।
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