लखनऊ | भारतीय जनता पार्टी ने सार्वजनिक मंचों पर नसीहत देते सपाईयों से पूछा सब जानने-समझने के बाद भी कार्यवाही क्यों नहीं करते ? प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की तर्ज पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हो अथवा कद्दावर मंत्री शिवपाल यादव का कथन भी सपा सरकार के खिलाफ पनप रहे जनाक्रोश से ध्यान हटाने के लिए की जा रही कवायद है।उन्होंने कहा कि नौकरशाही को ताश के पत्तों के तरह फेटने में जुटी अखिलेश सरकार ने राज्य में स्वस्थ्य कार्य संस्कृति विकसित हो इसके लिए ठोस प्रयास ही नहीं किये, यही कारण है कि राज्य के स्वीकृत बजट का हिस्सा खर्च न कर पाने की आरोपी है। फिर सब कुछ जानकारी में होने का दांवा करने वाले लोग क्यों नहीं उनके बारे में कठोर फैसले लेते। स्वाभाविक है राज्य के विकास के लिए अवरोध बन रहेे राज्य के वे नौकरशाह राज्य के हितैषी नहीं हो सकते। सरकार का हेतु है राज्य की जनता का हित हो जो इस हित चिंतक में बाधक है उनके विरूद्ध कार्यवाही हो।
श्री पाठक ने कहा सपा मुखिया कहते है उन्हें पता है कि सरकार के बारे में फीडबैक अच्छा नहीं है। राज्य के मंत्री अपनी कार्यशैली सुधारे, जमीन जायजाद से लेकर मौज-मस्ती करने में जुटे होने तक की रिपोर्ट सपा मुखिया के पास है जिनका वर्णन सार्वजनिक मंचों से वे करते रहते है। किन्तु जब कार्यवाही की बात आती है तो मौन हो जाते है। यही हाल आज मुख्यमंत्री संकेतों-संकेतों कहकर प्रकट किया। जब उनकी जानकारी में है तो कसे न नट-बोल्ट, क्यों कि जनता को वही भरोसा दिलाकर आये थे कि इंटर पास सभी छात्रों को लैपटाप मिलेगा, हाईस्कूल पास विद्यार्थियों को टेबलेट मिलेगा, कन्या विद्या धन, बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत लोगो को लाभन्वित किया जायेगा। किसानों कर्जे माफ होगे। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की प्रभावी कार्यवाही की जायेगी।
उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार के बारे में खराब फीडबैक ने सपा नेताओं की नींद उड़ा दी हैं और अपनी नाकामी का ठीकरा सपाई नेतृत्व दूसरों के सिर फोड़ने में माहिर है। इसलिए कभी, मीडिया कभी प्रतिपक्ष, कभी नौकरशाही इन्हे साजिश करती हुई दिखती है। यही सपाई रणनीति है।
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