
कैश की कमी से जूझ रही जेट एयरवेज के शेयरों में मंगलवार को बड़ा उछाल देखने को मिला। आप सोच रहे होंगे कि कामकाज बंद होने के बावजूद आखिर जेट एयरवेज के शेयरों में तेजी क्यों आई। मंगलवार के कारोबार के दौरान एक बार जेट एयरवेज के शेयर 167.55 रुपए पर पहुंच गए थे।
इससे पहले जेट का कारोबार बंद होने की खबर आने के बाद कंपनी के शेयर गिरकर 10 साल के निचले स्तर पर आ गए थे। जानकारों का कहना है कि जेट एयरवेज के शेयरों में तेजी की वजह सिर्फ सेंटीमेंट हैं। स्पेकुलेशन की वजह से जेट एयरवेज में खरीदारी हो रही है। कंपनी के फंडामेंटल्स में अभी कोई बदलाव नहीं हुए हैं। कुछ इसी तरह का स्पेकुलेशन किंगफिशर में भी देखने के मिला था। तब HNI निवेशकों ने किंगफिशर में बड़ा निवेश किया था। तब उन्हें ज्यादा रिटर्न की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
छोटे निवेशकों ने पिछली एक तिमाही में जेट एयरवेज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 12 फीसदी कर ली है। इस तरह के निवेश में रिस्क ज्यादा है लिहाजा छोटे निवेशकों को इनसे बचकर रहना चाहिए। पिछले हफ्ते बैंकों ने जेट एयरवेज को कामकाज के लिए 400 करोड़ रुपए का इमरजेंसी फंड देने से मना कर दिया। इसके बाद नरेश गोयल ने अपनी कंपनी का कामकाज अस्थाई तौर पर बंद कर दिया। कंपनी किसी बायर की तलाश में है। वैसे तो रिलायंस इंडस्ट्रीज भी हिस्सेदारी ले सकती है लेकिन अभी कंपनी ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जाहिर नहीं किया है। दुबई की नेशनल एयरलाइन एतिहाद की जेट एयरवेज में 24 फीसदी हिस्सेदारी है। एतिहाद जेट एयरवेज में और हिस्सेदारी लेना चाहती है।
जेट एयरवेज का कारोबार बंद होने से सबसे ज्यादा फायदा इंडिगो को हुआ है। इंडिगो का मार्केट शेयर बढ़कर 47 फीसदी हो चुका है। एविएशन मार्केट में सबसे बड़ी हिस्सेदारी इंडिगो की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जेट एयरवेज के बंद होने के बाद इंडिगो अपनी लीडरशिप पोजीशन को कंसॉलिडेट कर रहा है। जेट एयरवेज का कारोबार बंद होने से गो एयर, विस्तारा और एयर एशिया को भी फायदा हुआ है। अभी स्पाइसजेट का मार्केट शेयर 30.7% गोल्ड का 10% विस्तार का 4 फीसदी और एयर एशिया का 6 फीसदी है।
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