भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 10वें विश्व हिंदी सम्मेलन की शुरुआत की। ये सम्मेलन देश में 32 साल बाद हो रहा है। भोपाल में ये आयोजन विदेश मंत्रालय और मध्यप्रदेश सरकार मिलकर कर रहे हैं। सम्मेलन में लगभग 27 देशों के हिन्दी विद्वान हिस्सा ले रहे हैं। देश विदेश में हिन्दी के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाने वाले बॉलीवुड के सितारों से आमतौर पर परहेज करने वाले विश्व हिन्दी सम्मेलन में इस बार मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन को न सिर्फ आमंत्रित किया गया है बल्कि वह‘अच्छी हिन्दी कैसे बोलें’ इस विषय पर व्याख्यान भी देंगे।
अगर मुझे हिंदी नहीं आती तो मेरा क्या होता?
इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि भाषा लुप्त होने पर उसकी कीमत पता चलती है और संकट पैदा होते हैं। प्राणियों की तरह भाषा का मूल्य है, इसलिए विरासत को बचाना पीढ़ी का दायित्व है. पक्षी-पौधे की तरह भाषा को भी बचाएं। उन्होंने कहा कि देश में हिंदी भाषा का आंदोलन उन लोगों ने चलाया है जिनकी भाषा हिंदी नहीं थी। अगर मुझे हिंदी नहीं आती तो मेरा क्या होता? मैं लोगों से संपर्क कैसे रखता। जिनकी मातृभाषा हिंदी नहीं थी उन्होंने हिंदी के उत्थान के लिए काम किया।
गुजराती हिंदी में करते हैं लड़ाई
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाषा हमेशा चैतन्य रहती है। भाषा की ताकत बहुत है। मातृभाषा हिंदी हमारा अनमोल खजाना है। उन्होंने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि जब दो गुजराती लड़ाई करते हैं तो हिंदी में बोलने लगते हैं। क्योंकि उनका मानना है कि हिंदी में बोलने का असर ज्यादा होता है। उन्होंने बताया कि जब वह विदेशों के दौरे पर जाते हैं तो लोग हिंदी के लिए उत्सुकता दिखाते हैं। चीन, मंगोलिया समेत कई देशों में हिंदी बोलने और समझने वाले लोग हैं। दुनिया में लोग हिंदी जानना और सीखना चाहते हैं। फिल्मों ने विदेशों में हिंदी पहुंचाने का अनोखा काम किया है।
डिजिटल वर्ल्ड में सिर्फ तीन भाषाएं रह जाएंगी
मोदी ने कहा कि जिस प्रकार से दुनिया तेजी से बदल रही है, 21वीं सदी का अंत होते-होते दुनिया की 6000 भाषाओं में से 90 फीसदी के लुप्त होने की संभावना जताई जा चुकी है। इसलिए हमें हिंदी के संरक्षण करना चाहिए और इसे समृद्ध बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डिजिटल वर्ल्ड का महत्व बढ़ेगा। जानकारों के मुताबिक, आनेवाले समय में डिजिटल वर्ल्ड में सिर्फ तीन भाषाएं रह जाएंगी- अंग्रेजी, चाइनीज और हिंदी। इसलिए हिंदी के विकास पर सभी को जोर देना होगा औप इसे समृद्ध बनाना होगा।
तीन दिन चलेगा कार्यक्रम
सम्मेलन का मुख्य विषय ‘हिंदी जगत विस्तार एवं संभावनाएं’ है। दसवां विश्व हिंदी सम्मेलन भारत की सांस्कृतिक नगरी भोपाल में 10 से 12 सितबंर को लाल परेड मैदान में हो रहा है। सम्मेलन में गूगल, सीडैक, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट समेत कई बड़ी कंपनियां हिंदी भाषा के लिए किए गए अपने कामों को भी रखेंगी।
विश्व हिंदी सम्मेलन पर डाक टिकट जारी
तीन दिवसीय 10वें विश्व हिंदी सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व हिंदी सम्मेलन पर डाक टिकट जारी किया। विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन स्थल लाल परेड मैदान माखनलाल चतुर्वेदी नगर में बदल चुका है। मुख्य आयोजन रामधारी सिंह दिनकर सभागार में हो रहा है। उद्घाटन मंच पर डाक विभाग द्वारा तैयार डाक टिकट का प्रधानमंत्री ने विमोचन किया। इस डाक टिकट पर 10वें विश्व हिंदी सम्मेलन का शुभंकर बना हुआ है।
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