यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुण वीर सिंह ने बताया कि मेट्रो कोच बनाने के लिए पीपीएस इंटरनेशनल कंपनी को 20 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। मेड इन इंडिया और मेक इन इंडिया की तर्ज पर यह भारतीय कंपनी मेट्रो कोच बनाएगी। उन्होंने बताया कि यह कंपनी मेट्रो लाइट व मेट्रो के नए कोच बनाएगी।
उन्होंने कहा कि जर्मन प्रौद्योगिकी के आधार पर स्टेनलेस स्टील के कोच बनेंगे। देश में अब ऐसे ही कोच वाली मेट्रो दौड़ेगी। हालांकि, ये कोच वर्तमान में चल रही मेट्रो के कोच से थोड़े छोटे होंगे, लेकिन इनकी गति पहले जैसे ही रहेगी। कंपनी शुरुआती दौर में यहां 115 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके जरिये यहां पर 500 लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा। कंपनी वर्तमान में भारतीय रेल के लिए ओवरहेड इलेक्ट्रिसिटी केबल, कैटिलिवर व इलेक्ट्रिकल प्लग्स आदि बनाती है।
सीईओ ने बताया कि इसके अलावा कल न्यू दिल्ली एक्सपोर्ट हाउस, पूजा इंटरनेशनल, अफोर्डेबल एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, स्टार्टअप स्टूडियोज, राज ट्रेडिंग कंपनी, एसवीएम, शिखा मैनेजमेंट सॉल्यूशन, साईं क्रिएशन, होम ड्यूलेक्स सहित 12 कंपनियों को जमीन आवंटित की गई। उन्होंने बताया कि इस आवंटन से यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 248 करोड़ रुपये का निवेश मिलेगा।
उन्होंने बताया कि यमुना विकास प्राधिकरण ने बुधवार को जिन कंपनियों को जमीन आवंटित की है, उनमें सबसे अधिक कपड़ा कंपनियां हैं। इन कंपनियों को अपैरल पार्क में जमीन आवंटित की गई है। सिंह ने कहा कि प्राधिकरण ने एक वर्ष में 515 उद्योगों को जमीन आवंटित की है। यमुना प्राधिकरण तीन औद्योगिक पार्क विकसित कर रहा है। इसमें अपैरल पार्क, हैंडिक्राफ्ट पार्क व एमएसएमई पार्क शामिल है। इसमें 8,150 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जबकि सात लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।
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